FSSAI ने Nestle India को नोटिस भेजकर उनके इन्फेंट फॉर्मूला 'Lactogen Pro 1' के हेल्थ क्लेम्स (Health Claims) को लेकर वैज्ञानिक सबूत पेश करने को कहा है। भ्रामक विज्ञापनों पर चल रही सरकारी कार्रवाई के बीच निवेशकों के लिए यह एक अहम डेवलपमेंट है।
रेगुलेटर FSSAI ने Nestle India को एक फॉर्मल नोटिस जारी किया है। कंपनी को अपने प्रोडक्ट 'Lactogen Pro 1' की मार्केटिंग के दौरान किए गए दावों, खासकर 'Whey Protein' के पाचन (digestibility) को लेकर किए गए दावों की पुष्टि के लिए ठोस वैज्ञानिक सबूत देने होंगे। यह कदम इस बात की ओर इशारा है कि अब कंपनियां अपनी पैकेजिंग पर जो भी हेल्थ दावे करेंगी, उनके पीछे उनके पास पक्के साइंटिफिक आंकड़े होने चाहिए।\n\nयह कोई इकलौता मामला नहीं है, बल्कि FSSAI देश भर में फूड बिजनेस ऑपरेटर्स पर नकेल कस रहा है। पिछले कुछ महीनों में रेगुलेटर ने 150 से ज्यादा कंपनियों को भ्रामक विज्ञापनों और गलत लेबलिंग के लिए नोटिस भेजे हैं। इनमें Complan और Nan Excella Pro Stage 1 जैसे ब्रांड्स भी शामिल हैं।\n\nनिवेशकों को यह समझना होगा कि FMCG सेक्टर में अब कंप्लायंस का दायरा बढ़ रहा है। FSSAI अब ई-कॉमर्स और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स के लिए भी नियम सख्त कर रहा है। आने वाले समय में कंपनियों को ऑनलाइन मार्केटप्लेस पर बैच नंबर, मैन्युफैक्चरिंग डेट और एक्सपायरी जैसी जानकारी देना अनिवार्य हो सकता है।\n\nNestle India के लिए, इस तरह की रेगुलेटरी जांच का मतलब है बढ़ता हुआ कंप्लायंस खर्च और मार्केटिंग स्ट्रैटेजी में संभावित बदलाव। यदि कंपनी को अपने लेबल या विज्ञापनों में फेरबदल करना पड़ा, तो इसका असर सीधे कंपनी के बजट पर पड़ सकता है। मार्केट एक्सपर्ट्स की नजर इस बात पर है कि कंपनी इस नोटिस का जवाब कैसे देती है और आगे चलकर उनके मार्जिन पर इसका क्या असर पड़ता है।
