भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने यूनाइटेड स्पिरिट्स लिमिटेड (United Spirits Ltd) के खिलाफ फ्लेवर्ड रम की लेबलिंग और फ्लेवरिंग को लेकर जारी किए गए अपने आदेश को वापस ले लिया है। कंपनी ने बॉम्बे हाई कोर्ट में इस आदेश को चुनौती दी थी और अब रेगुलेटरी गाइडलाइंस का पालन करने के लिए प्रोडक्ट्स को रीफॉर्मेट करने पर सहमत हो गई है। यूनाइटेड स्पिरिट्स ने पुष्टि की है कि इससे कंपनी पर कोई खास फाइनेंशियल या ऑपरेशनल असर नहीं पड़ेगा।
FSSAI का बड़ा फैसला: फ्लेवर्ड रम पर रोक हटी
भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने यूनाइटेड स्पिरिट्स लिमिटेड (USL) की बारामती फैसिलिटी में बने एक खास फ्लेवर्ड स्पिरिट को लेकर पहले जारी किए गए अपने आदेश को आधिकारिक तौर पर वापस ले लिया है। रेगुलेटर का यह फैसला, जो कंपनी को 18 अगस्त 2026 को मिला, यूनाइटेड स्पिरिट्स की McDowell's No. 1 Celebration Matured XXX Rum से जुड़े रेगुलेटरी विवाद का समाधान दर्शाता है।
क्या था विवाद?
यह विवाद मुख्य रूप से फ्लेवरिंग सब्सटेंस के इस्तेमाल को लेकर था, जिसके बारे में कहा गया था कि यह प्रोडक्ट के नेचुरल प्रोफाइल की नकल कर रहा था। इससे लेबलिंग नियमों के पालन को लेकर चिंताएं पैदा हो गई थीं। इस मामले को सुलझाने के लिए, यूनाइटेड स्पिरिट्स ने रेगुलेटर के साथ मिलकर काम किया और FSSAI के फूड सेफ्टी और लेबलिंग फ्रेमवर्क के साथ पूरी तरह से तालमेल बिठाने के लिए कुछ रम और व्हिस्की प्रोडक्ट्स को रीफॉर्मेट करने पर सहमति जताई।
कोर्ट तक पहुंचा मामला
यूनाइटेड स्पिरिट्स ने पहले FSSAI की जून 2026 की नोटिस को बॉम्बे हाई कोर्ट में एक रिट पिटीशन दायर कर चुनौती दी थी। कंपनी का कहना था कि उसके प्रोडक्ट की लेबलिंग मौजूदा कानूनी मानकों और इंडस्ट्री प्रैक्टिसेज के अनुरूप है। कानूनी चुनौतियों और फूड अथॉरिटी के साथ हुई चर्चा के बाद, रेगुलेटर ने 17 अगस्त 2026 को यह वापसी आदेश जारी किया।
कंपनी पर असर
कंपनी की फाइनेंशियल और ऑपरेशनल हेल्थ के संबंध में, यूनाइटेड स्पिरिट्स ने स्पष्ट किया है कि इस रेगुलेटरी डेवलपमेंट का कोई खास मटेरियल इंपैक्ट नहीं होगा। कंपनी बारामती यूनिट में अपने मैन्युफैक्चरिंग ऑपरेशंस जारी रखेगी और अपडेटेड कंप्लायंस की जरूरतों को पूरा करने के लिए आवश्यक बदलाव लागू करेगी।
इंडस्ट्री में बढ़ी जांच
यह रेगुलेटरी डेवलपमेंट अल्कोहलिक बेवरेज इंडस्ट्री में व्यापक जांच का हिस्सा है। पहले भी FSSAI ने एसोसिएटेड अल्कोहल्स एंड ब्रुअरीज लिमिटेड (Associated Alcohols and Breweries Ltd) और INBREW Beverages सहित अन्य निर्माताओं को भी फ्लेवरिंग सब्सटेंस को लेकर इसी तरह की चिंताओं के चलते नोटिस जारी किए थे। अगस्त 2026 की शुरुआत में, मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच ने एसोसिएटेड अल्कोहल्स एंड ब्रुअरीज लिमिटेड के खिलाफ रेगुलेटर के आदेश पर रोक लगा दी थी, जिससे यह साफ हुआ कि यह जांच किसी एक कंपनी तक सीमित नहीं थी।
आगे क्या?
निवेशक कंपनी के व्यापक पोर्टफोलियो में प्रोडक्ट रीफॉरमुलेशन की प्रगति पर नज़र रख सकते हैं, क्योंकि विभिन्न मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज में कंप्लायंस सुनिश्चित करना एक महत्वपूर्ण ऑपरेशनल कदम बना हुआ है। शेयरधारकों का फोकस कंपनी की लॉन्ग-टर्म प्रोडक्ट स्ट्रेटेजी और स्पिरिट्स सेक्टर के लिए उभरने वाले किसी भी नए रेगुलेटरी गाइडलाइंस पर बना रहेगा।
