FSSAI का बड़ा फैसला: पैकेट बंद खाने पर अब 'Red Hexagon' वार्निंग, FMCG कंपनियों की बढ़ेगी चुनौती

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
FSSAI का बड़ा फैसला: पैकेट बंद खाने पर अब 'Red Hexagon' वार्निंग, FMCG कंपनियों की बढ़ेगी चुनौती

FSSAI ने ज्यादा चीनी, नमक और फैट वाले प्रोसेस्ड फूड्स के लिए 'रेड हेक्सागन' वार्निंग लेबल अनिवार्य करने का प्रस्ताव दिया है। ICMR की गाइडलाइंस के तहत आए इस नए नियम से कंपनियों की लागत बढ़ सकती है और ब्रांडिंग पर सीधा असर पड़ेगा।

नियम का पूरा खाका

भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने सुप्रीम कोर्ट में एक नया प्रस्ताव पेश किया है। अब प्रोसेस्ड फूड के फ्रंट पर एक 'रेड हेक्सागन' (Red Hexagon) सिंबल अनिवार्य होगा। यह निशान उन उत्पादों की पहचान कराएगा जिनमें चीनी, नमक और फैट की मात्रा तय सीमा से अधिक है। यह स्टार-रेटिंग सिस्टम से हटकर सीधे स्वास्थ्य चेतावनी देने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

FMCG सेक्टर पर क्या असर होगा?

पैकेज्ड फूड कंपनियों के लिए अब एक नई चुनौती खड़ी हो गई है। निर्माताओं को अपनी रेसिपी को नए मानकों के हिसाब से तौलना होगा। यदि उत्पाद तय सीमा से ऊपर निकलता है, तो पैकेट पर लाल निशान लगाना अनिवार्य होगा। कंपनियों के पास अब दो ही रास्ते हैं: या तो वे अपने प्रोडक्ट का रिफॉर्मुलेशन (सामग्री में बदलाव) करें, जिसमें समय और कैपिटल खर्च होगा, या फिर वार्निंग लेबल के साथ बाजार में उतरें, जो सेल्स पर असर डाल सकता है।

ICMR और रियायतें

यह नीति 2024 की ICMR और National Institute of Nutrition की डाइट गाइडलाइंस पर आधारित है। हालांकि, कंपनियों को राहत देने के लिए 1 साल का वॉलंटरी पीरियड भी रखा गया है ताकि वे पुराना स्टॉक खत्म कर सकें।

इसके अलावा, घी, एडिबल ऑयल और शहद जैसे उत्पादों को इस नियम से बाहर रखा गया है, क्योंकि ये नेचुरल तौर पर फैट या शुगर से भरपूर होते हैं। नियम केवल एडेड सामग्री वाले प्रोसेस्ड फूड्स पर लागू होगा। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने इस पर अपना फैसला सुरक्षित रखा है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.