देश के फूड रेगुलेटर FSSAI ने क्विक-कॉमर्स कंपनी Zepto और Storia Foods सहित कई बड़ी कंपनियों को नोटिस भेजा है। मामला एक्सपायर्ड सामान की डिलीवरी, गलत लेबलिंग और भ्रामक हेल्थ क्लेम से जुड़ा है, जिससे फूड-टेक सेक्टर में हलचल मच गई है।
रेगुलेटर की रडार पर दिग्गज कंपनियां
फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने अपने शिकंजे को और कस दिया है। इस बार रेगुलेटर का फोकस क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स और पैकेट बंद फूड बनाने वाली कंपनियों पर है। Zepto, Storia Foods, Bakelite Food, BMS Lifescience और Healthyhey Foods जैसी कंपनियों को नोटिस जारी कर सुरक्षा मानकों और पारदर्शिता पर जवाब मांगा गया है।
Zepto के सामने सप्लाई चेन की चुनौती
Zepto के मामले में शिकायत यह है कि प्लेटफॉर्म से एक्सपायरी डेट निकल चुके बेसन (Gram Flour) के पैकेट ग्राहकों को डिलीवर किए गए। FSSAI ने अब कंपनी से उनकी सप्लाई चेन और डार्क स्टोर्स में इन्वेंट्री मैनेजमेंट प्रोटोकॉल पर सफाई मांगी है। निवेशकों के लिए यह एक बड़ा संकेत है कि 'क्विक-कॉमर्स' मॉडल में क्वालिटी कंट्रोल बनाए रखना कितनी बड़ी चुनौती बन गया है।
भ्रामक लेबलिंग और मार्केटिंग पर सवाल
रेगुलेटर ने अन्य कंपनियों पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं:
- Bakelite Food: 'पुणेरी क्रीम रोल' के नाम पर बेचे जा रहे प्रोडक्ट में असली क्रीम की जगह हाइड्रोजनेटेड वेजिटेबल फैट्स का इस्तेमाल पाया गया है।
- Storia Foods: अनार के जूस की लेबलिंग और इसमें 'नो एडेड शुगर' के दावे को लेकर जांच जारी है, क्योंकि यह कॉन्सेंट्रेटेड एडिटिव्स पर आधारित है।
- BMS Lifescience & Healthyhey Foods: इन कंपनियों पर एक्सपायर्ड रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट और बिना मेडिकल सबूत के हेल्थ क्लेम करने के आरोप हैं।
यह घटनाक्रम दिखाता है कि अब डिजिटल ग्रॉसरी और फूड सेक्टर में रेगुलेटरी सख्ती बढ़ रही है। किसी भी तरह की लापरवाही से कंपनियों पर भारी पेनल्टी, प्रोडक्ट को बाजार से हटाने (Product Recall) और ब्रांड की छवि खराब होने का खतरा मंडरा रहा है।
