FSSAI ने दिल्ली के 'The Lalit' होटल से लिए गए Nestle India के डेयरी व्हाइटनर के एक बैच को असुरक्षित करार दिया है। हालांकि, कंपनी ने इन दावों को खारिज करते हुए तकनीकी खामियों का हवाला दिया है।
क्या है पूरा मामला?
खाद्य नियामक FSSAI ने Nestle India के लो-फैट डेयरी व्हाइटनर के एक सैंपल को 'असुरक्षित' और 'सबस्टैंडर्ड' पाया है। यह सैंपल दिल्ली के होटल 'The Lalit' से लिया गया था, जिसे Bharat Hotels Ltd संचालित करती है। रिपोर्ट के बाद रेगुलेटर ने होटल को उस विशेष बैच की बिक्री पर तुरंत रोक लगाने का आदेश दे दिया है।
Nestle इंडिया का क्या है कहना?
Nestle India ने आधिकारिक तौर पर नियामक के निष्कर्षों को चुनौती दी है। कंपनी का तर्क है कि यह पूरा विवाद फास्फोरस (phosphorus) के स्तर को मापने की टेस्टिंग पद्धति के कारण हुआ है। कंपनी का कहना है कि दूध आधारित उत्पादों में फास्फोरस प्राकृतिक रूप से पाया जाता है, लेकिन रेगुलेटर की टेस्टिंग यह फर्क करने में विफल रही कि यह फास्फोरस प्राकृतिक है या अलग से मिलाया गया। कंपनी ने दोहराया है कि उनके उत्पाद सुरक्षा मानकों के अनुरूप हैं।
क्या बढ़ रही है रेगुलेटरी परेशानी?
यह घटना साल 2026 में Nestle के सामने आई पहली चुनौती नहीं है। इससे पहले सितंबर 2026 में कंपनी को अपने इन्फेंट न्यूट्रिशन प्रोडक्ट्स (NAN Excella Pro Stage 1 और Lactogen Pro 1) के बायोटिन (biotin) लेवल को लेकर भी जांच का सामना करना पड़ा था। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामले कंपनी के लिए चुनौतियां खड़ी कर सकते हैं।
निवेशकों के लिए संकेत
निवेशकों के लिए मुख्य चिंता ब्रांड की प्रतिष्ठा और नियामक संस्थाओं के साथ संबंधों को लेकर है। हालांकि यह एक स्थानीय मामला है, लेकिन खाद्य सुरक्षा नियामकों के साथ लगातार विवाद कानूनी खर्चों को बढ़ा सकते हैं। बाजार के जानकारों का मानना है कि कंपनी जिस तरह से इन विवादों का निपटारा करती है, उस पर नजर रखना जरूरी है, क्योंकि कंज्यूमर ट्रस्ट ही Nestle के बिजनेस का आधार है। फिलहाल, कंपनी ने अधिकारियों के साथ डेटा साझा करना शुरू कर दिया है ताकि अपनी बात साबित कर सके।
