FSSAI ने बड़ी FMCG कंपनियों और रेस्टोरेंट चेन के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए **150** से ज्यादा नोटिस जारी किए हैं। मामला गलत मार्केटिंग दावों और फूड सेफ्टी मानकों के उल्लंघन से जुड़ा है, जिससे दिग्गज कंपनियों के सामने कानूनी संकट खड़ा हो गया है।
देश की फूड रेगुलेटर FSSAI ने FMCG सेक्टर पर अपना शिकंजा कस दिया है। यह कार्रवाई केवल कागजी चेतावनी तक सीमित नहीं है, बल्कि कई मामलों में सीधे प्रॉसीक्यूशन (Prosecution) यानी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।\n\n### दावों पर उठे सवाल\nरेगुलेटर ने '100% नेचुरल', 'कोलेस्ट्रॉल-फ्री' और 'क्लीनिकली प्रूवन' जैसे मार्केटिंग दावों पर सवाल खड़े किए हैं। ITC, Dabur और Adani Wilmar जैसी कंपनियों ने अपने आटे, शहद और खाने के तेल की लेबलिंग को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। हालांकि कुछ कंपनियों को फौरी राहत मिली है, लेकिन लंबे समय में मार्केटिंग स्ट्रैटेजी को बदलने का बड़ा दबाव बना हुआ है।\n\n### सेफ्टी और प्यूरिटी का संकट\nलेबलिंग के अलावा, प्रोडक्ट की शुद्धता पर गंभीर सवाल उठे हैं। Surya Food & Agro (Priyagold बिस्किट) पर घटिया सामग्री के इस्तेमाल के आरोप हैं, वहीं Dodla Dairy के दूध के सैंपल में डिटर्जेंट मिलने की रिपोर्ट से हड़कंप मचा है।\n\n### बेवरेज और ई-कॉमर्स पर भी नजर\nपेय पदार्थ कंपनियों जैसे PepsiCo, Monster Beverage और Reliance Consumer Products को 'एनर्जी ड्रिंक' के मानकों को लेकर घेरा गया है। इसके साथ ही, Amazon और Flipkart के वेयरहाउस में एक्सपायर्ड माल और लाइसेंसिंग संबंधी गड़बड़ियों की भी जांच हो रही है।\n\n### निवेशकों के लिए चेतावनी\nनिवेशकों के लिए यह एक बड़ी चिंता का विषय है। यदि कंपनियों को लेबल बदलने पड़ते हैं या ब्रांड की साख खराब होती है, तो इसका सीधा असर मुनाफे और सेल्स वॉल्यूम पर पड़ेगा। फिलहाल बाजार की नजरें जारी कानूनी लड़ाइयों के नतीजों पर टिकी हैं।
