फूड रेगुलेटर FSSAI ने Celevida GLP+ के मार्केटिंग दावों को लेकर Dr. Reddy’s Laboratories और Nestle Health Science को नोटिस जारी किया है। नियामक ने वेट-लॉस थेरेपी से जुड़ाव और प्रोडक्ट की गुणवत्ता संबंधी भ्रामक दावों पर चिंता जताई है।
भ्रामक विज्ञापन पर FSSAI सख्त
फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने मई 2026 में लॉन्च हुए सप्लीमेंट 'Celevida GLP+' के विज्ञापनों को लेकर Dr. Reddy’s Laboratories और Nestle Health Science से जवाब मांगा है। यह नोटिस Flipkart, Amazon और Netmeds जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स को भी भेजा गया है।
क्या है पूरा मामला?
रेगुलेटर ने उन दावों पर आपत्ति जताई है जो इस सप्लीमेंट को GLP-1 और GIP वेट-लॉस थेरेपी से जोड़ते हैं। FSSAI का कहना है कि ऐसे शब्दों का इस्तेमाल उपभोक्ताओं को यह सोचने पर मजबूर करता है कि इसके चिकित्सीय प्रभाव (therapeutic effects) हैं, जो कि अभी तक प्रमाणित नहीं हैं। इसके अलावा, कंपनी द्वारा प्रोडक्ट की 'यूरोपीय उत्पत्ति' और 'शुद्धता' को लेकर किए गए दावों पर भी सवाल उठाए गए हैं। कंपनियों को 'Food Safety and Standards Act 2006' के तहत अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया गया है।
लगातार बढ़ रही सख्ती
यह कोई पहला मामला नहीं है। सितंबर 2026 में भी FSSAI ने Nestle India के 'NAN Excella Pro Stage 1' और 'Lactogen Pro 1' जैसे इन्फेंट न्यूट्रिशन प्रोडक्ट्स में बायोटिन के स्तर को लेकर कानूनी कार्रवाई शुरू की थी। साथ ही, नियामक ने Shreyas Retail का लाइसेंस सस्पेंड करने और Nex International पर मुकदमा चलाने जैसे कदम उठाकर रिटेल सेक्टर में अपनी पकड़ मजबूत की है।
निवेशकों के लिए संकेत
हेल्थ और न्यूट्रिशन सेक्टर में बढ़ती रेगुलेटरी जांच कंपनियों के लिए चिंता का विषय है। निवेशकों को इस बात पर नजर रखनी चाहिए कि कंपनियां अपनी ब्रांडिंग और मार्केटिंग स्ट्रैटेजी में कैसे बदलाव करती हैं। अगर लेबलिंग या दावों को बदलना पड़ता है, तो इससे कंप्लायंस कॉस्ट (compliance cost) बढ़ने की पूरी संभावना है, जो प्रीमियम न्यूट्रिशन सेगमेंट में कंपनियों के मार्जिन को प्रभावित कर सकता है।
