FSSAI का बड़ा एक्शन: Old Monk, McDowell's सहित कई ब्रांड्स पर लगा बैन! जानिए वजह

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AuthorNeha Patil|Published at:
FSSAI का बड़ा एक्शन: Old Monk, McDowell's सहित कई ब्रांड्स पर लगा बैन! जानिए वजह

FSSAI यानी भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण ने व्हिस्की (Whisky) और रम (Rum) के कई पॉपुलर ब्रांड्स की बिक्री पर रोक लगा दी है। आरोप है कि इन ब्रांड्स में गैर-कानूनी फ्लेवर का इस्तेमाल किया जा रहा था। यह कार्रवाई कुछ खास मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स पर की गई है।

क्यों लगा बैन?

FSSAI ने रम और व्हिस्की जैसे स्पिरिट्स (Spirits) में ऐसे आर्टिफिशियल (Artificial) या सिंथेटिक फ्लेवर (Synthetic Flavour) मिलाने पर रोक लगा दी है, जिनकी इजाज़त नहीं है। रेगुलेटर का कहना है कि इन फ्लेवर्स का इस्तेमाल करके उत्पादों की ऑथेंटिसिटी (Authenticity) और क्वालिटी (Quality) को लेकर ग्राहकों को गुमराह किया जा रहा था। यह नियम उन फ्लेवर्स के इस्तेमाल के खिलाफ है जो प्राकृतिक रूप से कच्चे माल से बनने वाली स्पिरिट्स में होने चाहिए।

कौन से ब्रांड्स और यूनिट्स प्रभावित?

इस फैसले से भारतीय स्पिरिट्स मार्केट के कई बड़े नाम प्रभावित हुए हैं। मोहन रॉकी स्प्रिंगवॉटर (Mohan Rocky Springwater) की खपोली यूनिट से बनने वाले Old Monk के वेरिएंट्स जैसे 'The Legend', 'Gold Reserve', और 'XXX Matured Rum' की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। यूनाइटेड स्पिरिट्स (United Spirits) के बारामती यूनिट में बनने वाले McDowell's No. 1 Rum पर भी असर पड़ा है। इसके अलावा, मध्य प्रदेश में बने Antiquity Blue और Royal Challenge Whisky ब्रांड्स भी बैन की लिस्ट में शामिल हैं। INBREW Beverages और Associated Alcohol & Breweries के मध्य प्रदेश स्थित यूनिट्स से आने वाले कुछ रम और व्हिस्की प्रोडक्ट्स पर भी यह पाबंदी लागू होगी।

रेगुलेटर का रुख

FSSAI का कहना है कि ये कदम इसलिए उठाए गए हैं ताकि ग्राहकों को अल्कोहलिक बेवरेजेज (Alcoholic Beverages) की असलियत और क्वालिटी के बारे में गलत जानकारी न मिले। रेगुलेटर के मुताबिक, न्यूट्रल अल्कोहल (Neutral Alcohol) में सिंथेटिक फ्लेवर मिलाकर पारंपरिक स्पिरिट प्रोफाइल बनाने की कोशिश मैन्युफैक्चरिंग स्टैंडर्ड्स (Manufacturing Standards) का उल्लंघन है। FSSAI यह सुनिश्चित करना चाहता है कि प्रोडक्ट उसी हिसाब से बने जैसा उसके कच्चे माल (Raw Material) से उम्मीद की जाती है।

आगे क्या?

हालांकि यह बैन फिलहाल कुछ खास यूनिट्स पर ही लगा है, FSSAI ने यह भी साफ किया है कि उनकी जांच जारी है। गोवा की Mandexi Distilleries & Breweries में भी निरीक्षण किया गया है और महाराष्ट्र में छह अन्य मैन्युफैक्चरर्स को नोटिस भेजा गया है। इससे यह संकेत मिलता है कि आने वाले समय में और भी कंपनियों पर रेगुलेटरी एक्शन (Regulatory Action) हो सकता है। FSSAI ने यह भी कहा कि यह कार्रवाई पूरे इंडस्ट्री के लिए नहीं है, क्योंकि कई कंपनियां नियमों का पालन कर रही हैं।

निवेशकों के लिए, अब यह देखना अहम होगा कि प्रभावित कंपनियां प्रोडक्ट रिकॉल (Product Recall) या सुधार कैसे करती हैं। इसका वित्तीय असर प्रभावित यूनिट्स के स्टॉक (Inventory) और कंपनियों द्वारा नियमों के अनुसार मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस (Manufacturing Process) को कितनी जल्दी ठीक किया जाता है, इस पर निर्भर करेगा। निवेशक कंपनियों के अगले फाइलिंग्स (Filings) पर नजर रख सकते हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.