FMCG सेक्टर पर मंदी का साया! डिमांड घटने से ITC समेत दिग्गज शेयर 20% तक गिरे, जानिए क्यों

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AuthorAditya Rao|Published at:
FMCG सेक्टर पर मंदी का साया! डिमांड घटने से ITC समेत दिग्गज शेयर 20% तक गिरे, जानिए क्यों
Overview

इस साल FMCG सेक्टर के लिए अच्छी खबर नहीं है। Nifty FMCG इंडेक्स **6%** तक गिर गया है, जो ब्रॉडर मार्केट से काफी पीछे है। इस बड़ी गिरावट की मुख्य वजह ITC के शेयर्स में आई **20%** की भारी गिरावट है, और Varun Beverages और Patanjali Foods जैसी दूसरी बड़ी कंपनियों के शेयर भी गिरे हैं। एनालिस्ट्स का कहना है कि कंजम्पशन पैटर्न का धीमा होना और वॉल्यूम ग्रोथ में कमी सेक्टर के लिए बड़ी चिंता का विषय है। हालांकि, कुछ चुनिंदा स्टॉक्स में अभी भी अच्छी कमाई की उम्मीद दिख रही है। Hindustan Unilever ने भी मिले-जुले तिमाही नतीजे पेश किए हैं।

2026 में Nifty FMCG इंडेक्स में 6% की गिरावट देखी गई है, जबकि Nifty 50 में सिर्फ 0.8% की मामूली गिरावट आई है। इस खराब परफॉरमेंस का बड़ा कारण ITC के शेयर में आई 20% की भारी गिरावट है, जिससे इसके शेयर ₹317 तक लुढ़क गए। साल 2025 के मई में अपने शिखर ₹444.20 (NSE पर) से यह शेयर अब तक लगभग 29% गिर चुका है।

सेक्टर की बढ़ती मुश्किलें

इस साल सेक्टर की कई और बड़ी कंपनियाँ भी दबाव में हैं। Radico Khaitan, Varun Beverages, Emami, Patanjali Foods और Tata Consumer जैसे शेयर्स में 16% तक की गिरावट आई है। एनालिस्ट्स का मानना है कि आने वाले समय में भी चुनौतियाँ बनी रह सकती हैं। Equinomics Research के G Chokkalingam का कहना है कि कृषि क्षेत्र की अच्छी परिस्थितियों के बावजूद वॉल्यूम ग्रोथ धीमी बनी हुई है। इसका सीधा असर कंजम्पशन पैटर्न पर दिख रहा है। उन्होंने कहा, "सेक्टर के लिए राह मुश्किल है।"

ITC का टैक्स झटका और भविष्य का अनुमान

Chokkalingam के मुताबिक, ITC के शेयर में आई इतनी बड़ी गिरावट सिगरेट पर टैक्स बढ़ोतरी की प्रतिक्रिया को देखते हुए थोड़ी ज्यादा है। उनका अनुमान है कि 2026 में ITC अपने साथियों से बेहतर प्रदर्शन करेगा और इसके शेयर ₹380 के टारगेट तक पहुँच सकते हैं, जो कि लगभग 20% की तेजी का संकेत है। Axis Securities, Elara Capital और Systematix जैसे ब्रोकरेज हाउसेस ने ITC पर 'होल्ड' या 'एक्युमुलेट' रेटिंग बनाए रखी है। हालांकि, Elara Capital के एनालिस्ट्स ने टैक्स के असर को ध्यान में रखते हुए FY27E और FY28E के लिए कमाई के अनुमानों को 12.1% और 13% तक घटा दिया है। वे ITC के सिगरेट कारोबार में FY26E-28E तक -3.3% EBIT CAGR की उम्मीद कर रहे हैं।

Hindustan Unilever के मिले-जुले नतीजे

इस बीच, Hindustan Unilever (HUL) ने अक्टूबर-दिसंबर 2025 तिमाही के लिए ₹7,075 करोड़ का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। इस आंकड़े में आइसक्रीम कारोबार के डीमर्जर के बाद बंद हुए ऑपरेशन्स से ₹4,516 करोड़ का एक बड़ा एकमुश्त फायदा भी शामिल है। इन असाधारण चीजों को छोड़ दें तो, प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में सिर्फ 1% की मामूली बढ़ोतरी हुई है और यह ₹2,562 करोड़ रहा। कंपनी ने नए लेबर कोड लागू होने से जुड़े ₹113 करोड़ के असाधारण खर्च भी दर्ज किए हैं। कुल मुनाफे के इस आंकड़े के बावजूद, HUL के शेयर NSE पर लगभग 3% गिरकर ₹2,383.10 के इंट्रा-डे लो पर पहुँच गए।

चुनिंदा निवेश की रणनीति

Geojit Investments के Gaurang Shah चुनिंदा निवेश रणनीति अपनाने की सलाह देते हैं। उन्हें सेमी-अर्बन और ग्रामीण इलाकों से डिमांड में सुधार की उम्मीद है। साथ ही, इनपुट कॉस्ट में नरमी के कारण प्रॉफिट मार्जिन को फायदा होने की उम्मीद है, लेकिन वे कंपनियों को एडवरटाइजिंग और प्रमोशनल खर्चों पर ध्यान देने की सलाह देते हैं। Shah, Britannia, Nestle, HUL, ITC, Godrej Consumer, Tata Consumer, Dabur और Marico जैसे स्टॉक्स के लिए पॉजिटिव हैं और 2026 के बाकी समय में इन शेयर्स में 12-15% की अपसाइड का अनुमान लगा रहे हैं। स्वतंत्र विशेषज्ञ Ambareesh Baliga निवेशकों को साफ कमाई की विजिबिलिटी (earnings visibility) वाले स्टॉक्स पर ही फोकस करने की सलाह देते हैं। वे Dabur, Emami और Marico में 18-20% की संभावित तेजी की बात कहते हैं, जो सपोर्टिव इकोनॉमिक ग्रोथ पर निर्भर करेगी। Baliga, ITC को एक कंट्रेरियन बाय (contrarian buy) के तौर पर देखते हैं।

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