हेल्दी स्नैक ब्रांड Farmley में अपनी हिस्सेदारी खरीदने के लिए बड़े FMCG दिग्गज आमने-सामने हैं। ITC, Britannia और Emami जैसी कंपनियां इसमें **31%** हिस्सेदारी खरीदने की दौड़ में हैं, जिससे कंपनी की वैल्यूएशन करीब **₹2,000 करोड़** आंकी गई है।
भारतीय कंज्यूमर गुड्स सेक्टर में इस समय हेल्दी स्नैकिंग स्पेस को लेकर बड़ी जंग छिड़ी है। दिग्गज कंपनियां अब अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए नए स्टार्टअप्स की ओर देख रही हैं। इस होड़ में ITC, Britannia, Emami और Orkla India के नाम प्रमुखता से सामने आ रहे हैं, जो Farmley में निवेश करने के इच्छुक हैं।
डील का गणित और स्ट्रक्चर
वर्तमान में, Farmley में निवेश करने वाले शुरुआती निवेशक, जिनमें Omnivore Partners, DSG Consumer Partners और Trifecta Capital शामिल हैं, अपने 31% हिस्से को बाहर निकालना चाहते हैं। इस पूरी प्रक्रिया को KPMG सलाह दे रहा है। हालांकि अभी बातचीत शुरुआती दौर में है, लेकिन यह डील कंपनी को ₹2,000 करोड़ की वैल्यूएशन पर ले जा सकती है। सौदा किस रूप में होगा - यानी माइनॉरिटी स्टेक या फिर मैनेजमेंट कंट्रोल - यह बिडर और कंपनी के फाउंडर्स आकाश शर्मा और अभिषेक अग्रवाल के फैसलों पर निर्भर करेगा।
क्यों आकर्षित हो रही हैं दिग्गज कंपनियां?
FMCG दिग्गजों के लिए खुद के ब्रांड बनाने के बजाय पहले से सफल D2C ब्रांड को खरीदना एक स्मार्ट स्ट्रैटेजी बन गई है। 2017 में केवल B2B सप्लायर रही Farmley ने 2021 में D2C मॉडल अपनाकर जबरदस्त रफ्तार पकड़ी है। कंपनी का FY25 में रेवेन्यू ₹396 करोड़ रहा है। डिजिटल और क्विक कॉमर्स में मजबूत मौजूदगी इसे बड़ी कंपनियों के लिए एक हॉट टारगेट बनाती है।
चुनौतियां और भविष्य की राह
यह सौदा ऐसे समय में हो रहा है जब FMCG इंडस्ट्री खुद कच्चे माल की बढ़ती कीमतों और मार्जिन के दबाव से जूझ रही है। पाम ऑयल और पैकेजिंग लागत जैसे फैक्टर्स ने कंपनियों के मुनाफे को प्रभावित किया है। ऐसे में, किसी भी नई डील के लिए ड्यू डिलिजेंस (Due Diligence) में स्टार्टअप के घाटे और प्रॉफिटेबिलिटी को बारीकी से परखा जाएगा। अक्टूबर 2026 के अंत तक इस शुरुआती बिडिंग प्रोसेस के नतीजे आने की उम्मीद है, जिस पर निवेशकों की नजरें टिकी होंगी।
