FMCG Sector: फेस्टिव सीजन में कंपनियों का बड़ा दांव, मार्जिन की कुर्बानी देकर वॉल्यूम ग्रोथ पर फोकस

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
FMCG Sector: फेस्टिव सीजन में कंपनियों का बड़ा दांव, मार्जिन की कुर्बानी देकर वॉल्यूम ग्रोथ पर फोकस

त्योहारी सीजन (अगस्त-नवंबर) में FMCG कंपनियां मार्जिन को दरकिनार कर सेल्स वॉल्यूम बढ़ाने पर जोर दे रही हैं। कंपनियों का लक्ष्य डिमांड में **9-11%** की ग्रोथ हासिल करना है। कच्चे माल की बढ़ती कीमतों के बावजूद, कंपनियां ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए कीमतें स्थिर बनाए हुए हैं ताकि मार्केट शेयर सुरक्षित रहे।

भारत के FMCG सेक्टर में इस फेस्टिव सीजन (अगस्त से नवंबर) के दौरान एक बड़ी रणनीति में बदलाव देखने को मिल रहा है। कंपनियां कच्चे माल की लागत में हो रही बढ़ोतरी का बोझ खुद उठा रही हैं और ग्राहकों पर कीमतों का दबाव नहीं डाल रही हैं। यह कदम विशेष रूप से उन ग्राहकों के लिए है जो इस समय वैल्यू-फॉर-मनी पर ज्यादा फोकस कर रहे हैं।

डिमांड और कंज्यूमर बिहेवियर

इंडस्ट्री के अनुमानों के मुताबिक, इस फेस्टिव सीजन में डिमांड 9-11% तक बढ़ सकती है। हालांकि, ग्राहक अब खर्च करने में सावधानी बरत रहे हैं। आंकड़ों से पता चलता है कि लोग इंपल्स बाइंग के बजाय बड़े और इकोनॉमिकल पैक साइज को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसी वजह से कंपनियों को अपने दाम कॉम्पिटिटिव रखने पड़ रहे हैं, भले ही इसके बदले उन्हें मुनाफे में कटौती क्यों न करनी पड़े।

कोको (Cocoa) की कीमतों का दबाव

कंपनियों के बैलेंस शीट पर काफी दबाव है, खासकर कोको जैसी कमोडिटी की कीमतों में आई 48% की क्वार्टर-ऑन-क्वार्टर बढ़ोतरी ने इसे और जटिल बना दिया है। फिलहाल मैनेजमेंट का पूरा ध्यान मार्केट शेयर बचाने पर है, क्योंकि एक बार मार्केट शेयर खोने के बाद उसे दोबारा हासिल करना मुनाफे में हुई अस्थायी गिरावट की भरपाई करने से कहीं ज्यादा मुश्किल होता है।

निवेशकों के लिए संकेत

निवेशकों के लिए यह एक शॉर्ट-टर्म ट्रेड-ऑफ है। वॉल्यूम ग्रोथ ब्रांड लॉयल्टी का अच्छा संकेत तो है, लेकिन इसका सीधा असर प्रॉफिटेबिलिटी पर पड़ रहा है। आने वाले समय में, फेस्टिव सीजन खत्म होने के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कंपनियां अपनी मार्जिन को कैसे रिकवर करती हैं और कच्चे माल की कीमतों में कब स्थिरता आती है। शेयरधारकों को अगली तिमाही के नतीजों पर नजर रखनी चाहिए, जिससे पता चलेगा कि वॉल्यूम में हुई यह बढ़त कितनी टिकाऊ है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.