नतीजों का पूरा विश्लेषण: रेवेन्यू बढ़ा, पर प्रॉफिट क्यों घटा?
Eveready Industries India Limited ने Q3 FY26 के अपने वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 10.1% की जोरदार बढ़त के साथ ₹367.2 करोड़ पर पहुंच गया, जो लगातार पांचवीं तिमाही की ग्रोथ को दर्शाता है। EBITDA में भी 13% की मजबूत बढ़ोतरी देखी गई और यह ₹33.3 करोड़ रहा। इस प्रदर्शन में बैटरी सेगमेंट का बड़ा योगदान रहा, जिसमें 11.1% की ग्रोथ आई। खासकर, एल्कालाइन बैटरी पोर्टफोलियो में लगभग 72% की भारी तेजी देखी गई और दिसंबर 2025 तक इसने लगभग 19% का वॉल्यूम शेयर हासिल कर लिया।
मार्जिन पर क्यों आया दबाव?
हालांकि, बॉटम लाइन यानी मुनाफे पर असर पड़ा। कंपनी का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) साल-दर-साल 43.13% घटकर ₹7.5 करोड़ रह गया। इस गिरावट की मुख्य वजहें थीं: नई लेबर कोड्स के इम्प्लीमेंटेशन के कारण ₹9.4 करोड़ का एक खास एक्सेप्शनल चार्ज और 150 बेसिस पॉइंट्स (bps) का ग्रॉस मार्जिन कॉन्ट्रैक्शन। मैनेजमेंट ने बताया कि जििंक जैसी कमोडिटी कीमतों की अस्थिरता और मजबूत होते यूएस डॉलर की वजह से इनपुट लागतें बढ़ीं, जिन्हें प्राइस हाइक्स से पूरी तरह कवर नहीं किया जा सका।
कंपनी की क्वालिटी और डेट मैनेजमेंट
कंपनी ने वर्किंग कैपिटल को रेवेन्यू के 15% से नीचे बनाए रखा, जो बेहतर मैनेजमेंट को दर्शाता है। कंपनी पर कुल नेट डेट ₹317 करोड़ है, जिसमें जम्मू स्थित नई एल्कालाइन बैटरी फैसिलिटी के लिए ₹167 करोड़ का निवेश शामिल है। अपनी बैलेंस शीट को और मजबूत करने के लिए, Eveready ने नोएडा में एक नॉन-कोर लैंड पार्सल को बेचने की प्रक्रिया शुरू की है, जिसकी मिनिमम वैल्यू ₹250 करोड़ आंकी गई है।
आगे की रणनीति क्या है?
मैनेजमेंट को मार्जिन स्थिर होने और ग्रोथ जारी रहने का भरोसा है। इनपुट लागत की अस्थिरता से निपटने के लिए हेजिंग स्ट्रैटेजी और कॉस्ट कंट्रोल पर जोर दिया जा रहा है। कंपनी प्रीमियमाइजेशन पर फोकस कर रही है, जिसके तहत नए प्रोडक्ट्स जैसे Ultima Lithium AA और AAA बैटरीज लॉन्च किए गए हैं। फ्लैशलाइट पोर्टफोलियो में रिचार्जेबल प्रोडक्ट्स की हिस्सेदारी भी बढ़ाई जा रही है। आने वाली जम्मू फैसिलिटी से सेगमेंट मार्जिन में लगभग 10% सुधार की उम्मीद है और सप्लाई चेन को भी मजबूती मिलेगी।