Eveready Industries ने 'Eveready ULTIMA' लिक्विड वेपोराइजर लॉन्च कर दिया है, जिससे कंपनी अब ₹2,800 करोड़ वाले पोर्टेबल मॉस्किटो रिपेलेंट मार्केट में उतर गई है।
नया पोर्टफोलियो और रणनीति
Eveready Industries अब अपनी पारंपरिक पहचान यानी बैटरी और फ्लैशलाइट के दायरे से बाहर निकल रही है। कंपनी ने 'Eveready ULTIMA' लिक्विड वेपोराइजर के साथ होम-केयर सेगमेंट में कदम रखा है। यह पोर्टेबल डिवाइस बिना प्लग-पॉइंट के काम करता है, जो इसे बाजार के बाकी प्रोडक्ट्स से अलग बनाता है। कंपनी का लक्ष्य भारत के कुल ₹5,000 करोड़ वाले इंसेक्टिसाइड मार्केट में से उस हिस्से पर कब्जा करना है, जो करीब ₹2,800 करोड़ का है।
फाइनेंशियल सेहत और लक्ष्य
कंपनी के हालिया नतीजे उम्मीद से बेहतर रहे हैं। फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 22.3% बढ़कर ₹37 करोड़ रहा है। वहीं, रेवेन्यू में भी 9% की ग्रोथ देखी गई है, जो ₹407.7 करोड़ तक पहुंच गया है। मैनेजमेंट का बड़ा लक्ष्य कंपनी को अगले 4 से 5 क्वार्टर्स में पूरी तरह कर्जमुक्त (debt-free) बनाने का है।
ऑपरेशंस और चुनौतियां
कंपनी अपने कोर बिजनेस पर भी जोर दे रही है। मई 2026 में जम्मू में शुरू हुई नई अल्कलाइन बैटरी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की क्षमता 45.6 करोड़ बैटरी सालाना है। हालांकि, होम-केयर सेगमेंट में मुकाबला कड़ा है, जहां पहले से ही बड़े घरेलू और विदेशी प्लेयर्स मौजूद हैं। निवेशकों को अब कंपनी के 14.89% EBITDA मार्जिन पर नजर रखनी होगी, क्योंकि कच्चे माल (जैसे जिंक) की कीमतों में उतार-चढ़ाव कंपनी के मुनाफे पर असर डाल सकता है।
