यूरोप की जानी-मानी फ्रेगरेंस कंपनी Eurofragance ने शेखर श्रीनिवासन को भारत का नया मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) नियुक्त किया है। उनका मुख्य काम भारत में कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग योजनाओं को आगे बढ़ाना होगा। इस नियुक्ति के साथ, Barcelona की यह फ्रेगरेंस कंपनी भारतीय पर्सनल और होम केयर मार्केट में अपनी पैठ मजबूत करने की तैयारी में है।
भारत में ग्रोथ का नया चेहरा
Eurofragance, जो Barcelona की एक प्रमुख फ्रेगरेंस कंपनी है, ने शेखर श्रीनिवासन को भारत के लिए अपना नया मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) नियुक्त किया है। यह नियुक्ति 4 अगस्त, 2026 से प्रभावी होगी। इस कदम से कंपनी देश में अपने ऑपरेशनल बेस को और मजबूत करना चाहती है। Eurofragance साल 2018 से भारत में सक्रिय है।
अनुभव और विस्तार की रणनीति
शेखर श्रीनिवासन के पास स्पेशियलिटी केमिकल्स और कंज्यूमर गुड्स सेक्टर में 20 सालों से भी ज़्यादा का अनुभव है। इससे पहले, वह Godrej Industries (Chemicals) में ग्लोबल बिज़नेस हेड रह चुके हैं, जहाँ उन्होंने इंटरनेशनल प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को मैनेज किया। उनका प्रोफेशनल बैकग्राउंड DSM-Firmenich, Ingevity India, और Aranca जैसी कंपनियों में भी रहा है। अपने केमिकल और फ्रेगरेंस बैकग्राउंड को देखते हुए, कंपनी को उम्मीद है कि वह भारत में Eurofragance के अगले ग्रोथ फेज का नेतृत्व करेंगे।
स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग पर ज़ोर
इस नई भूमिका का एक अहम हिस्सा भारत में एक लोकल मैन्युफैक्चरिंग प्लांट की स्थापना है। फिलहाल, Eurofragance भारत में फाइन फ्रेगरेंस, होम केयर और पर्सनल केयर सेगमेंट में 50 से ज़्यादा कर्मचारियों की टीम के ज़रिए अपनी सेवाएं दे रही है। अपना मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित करके, कंपनी अपने मौजूदा ग्लोबल प्रोडक्शन मॉडल (जिसमें स्पेन, सिंगापुर और मेक्सिको में प्लांट शामिल हैं) से आगे बढ़कर स्थानीय मांग को बेहतर ढंग से पूरा करना चाहती है और लॉजिस्टिक्स लागत को कम करने की कोशिश कर रही है।
मार्केट का माहौल और बिजनेस फोकस
Eurofragance बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) सेक्टर में काम करती है और विभिन्न कंज्यूमर ब्रांड्स के लिए सेंट सॉल्यूशंस (Scent Solutions) प्रदान करती है। भारतीय फ्रेगरेंस और पर्सनल केयर मार्केट में कॉम्पिटिशन लगातार बढ़ रहा है, क्योंकि ग्लोबल और लोकल दोनों तरह के ब्रांड्स अपनी पहुंच का विस्तार कर रहे हैं। Eurofragance के लिए भारत में सफल होने का मतलब उन स्थापित ग्लोबल फ्रेगरेंस हाउसेस के साथ प्रतिस्पर्धा करना होगा, जिनके इस रीजन में रिसर्च और मैन्युफैक्चरिंग के बड़े ऑपरेशन हैं।
निवेशक और इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स इस बात पर नज़र रखेंगे कि कंपनी नए मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के लिए ज़रूरी कैपिटल स्पेंडिंग (Capital Spending) को कैसे मैनेज करती है। इस तरह की सुविधाओं के निर्माण में संभावित कंस्ट्रक्शन में देरी, लागत में वृद्धि और निवेश को सही ठहराने के लिए ऑप्टीमल प्रोडक्शन लेवल तक पहुंचने जैसी चुनौतियाँ शामिल हैं। इसके अलावा, कंपनी को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उसके स्थानीय उत्पादन से भारतीय ग्राहकों की विशेष पसंद और क्वालिटी स्टैंडर्ड्स को पूरा किया जा सके।
हालांकि Eurofragance एक प्राइवेट कंपनी है और स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड नहीं है, लेकिन भारत में मैन्युफैक्चरिंग में उसका निवेश एक बड़े इंडस्ट्री ट्रेंड को दर्शाता है। इस ट्रेंड के तहत, ग्लोबल स्पेशियलिटी केमिकल और फ्रेगरेंस कंपनियां हाई-ग्रोथ कंज्यूमर मार्केट्स के करीब रहने के लिए एशिया में अपना प्रोडक्शन बढ़ा रही हैं। आगे इस बात पर नज़र रखी जाएगी कि कंपनी नए मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के लिए किस जगह का चुनाव करती है, कितना निवेश करती है और यह कब तक ऑपरेशनल हो पाती है।
