Eureka Forbes ने नए फाइनेंशियल ईयर की शानदार शुरुआत की है। कंपनी ने पहली तिमाही (Q1 FY27) में **15.3%** का रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज किया है, जो कि **₹700.8 करोड़** रहा। इस उछाल की मुख्य वजह वॉटर प्यूरीफायर की ताबड़तोड़ डिमांड रही।
Eureka Forbes का दमदार प्रदर्शन
Eureka Forbes ने नए फाइनेंशियल ईयर की शुरुआत धमाकेदार की है। कंपनी का रेवेन्यू पहली तिमाही (Q1 FY27) में पिछले साल के मुकाबले 15.3% बढ़कर ₹700.8 करोड़ पर पहुंच गया। कंपनी के वॉटर प्यूरीफायर बिजनेस में जबरदस्त वॉल्यूम ग्रोथ देखने को मिली, वहीं रोबोटिक्स और एयर प्यूरीफायर जैसे नए सेगमेंट्स में भी अच्छी सफलता मिली है।
ब्रोकरेज की राय और टारगेट में बदलाव
इन नतीजों के बाद, ब्रोकरेज फर्म Nomura ने Eureka Forbes पर अपना पॉजिटिव रुख बरकरार रखा है। हालांकि, मार्जिन पर दबाव और वैल्यूएशन में बदलाव को देखते हुए, उन्होंने शेयर का टारगेट प्राइस ₹600 से घटाकर ₹572 कर दिया है।
मार्जिन पर दबाव और लागत का असर
जहां एक तरफ कंपनी के रेवेन्यू ने उम्मीदों को पूरा किया, वहीं प्रॉफिट मार्जिन थोड़ा चिंता का विषय रहा। इस तिमाही में कंपनी का एडजस्टेड EBITDA मार्जिन 10.5% रहा। मार्जिन में इस मामूली गिरावट की मुख्य वजह ब्रांड को बढ़ावा देने के लिए एडवरटाइजिंग और सेल्स प्रमोशन (A&SP) पर बढ़ा हुआ खर्च और कच्चे माल की बढ़ती लागत है।
Nomura ने अपने टारगेट प्राइस को एडजस्ट करने के पीछे सितंबर 2027 तक वैल्यूएशन को रोल-फॉरवर्ड करने और FY27-28 के लिए मार्जिन अनुमानों को 30 से 50 बेसिस पॉइंट कम करने को कारण बताया है। इसके बावजूद, ब्रोकरेज को कंपनी की प्रीमियम प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को आगे बढ़ाने की क्षमता पर भरोसा है, जिसमें रोबोटिक वैक्यूम क्लीनर जैसे हाई-एंड मॉडल शामिल हैं।
ग्रोथ के नए इंजन और भविष्य की रणनीति
Eureka Forbes ग्रोथ को बनाए रखने के लिए अपने प्रोडक्ट मिक्स को और बेहतर बनाने पर जोर दे रही है। कंपनी के इमर्जिंग कैटेगरी, जैसे रोबोटिक्स और होम एयर क्वालिटी सॉल्यूशंस, में अच्छी डिमांड देखी जा रही है। मैनेजमेंट इन प्रोडक्ट्स को बढ़ावा देकर सिंगल-प्रोडक्ट पर निर्भरता कम करना चाहता है। इसके अलावा, सर्विस बिजनेस भी कंपनी के लिए एक अहम हिस्सा है, जो लगातार रेवेन्यू देता है। हालांकि, सर्विस प्लान्स पर 3% से 12% तक की मूल्य वृद्धि के कारण इस सेगमेंट की ग्रोथ में कुछ नरमी आई है।
निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण बातें
आगे चलकर, निवेशक यह देखेंगे कि कंपनी साल की दूसरी छमाही में अपने ऑपरेटिंग मार्जिन को कैसे मैनेज करती है। मैनेजमेंट ने EBITDA मार्जिन को साल-दर-साल सपाट रखने का लक्ष्य रखा है और लागत में कटौती तथा बेहतर ऑपरेटिंग लेवरेज के जरिए प्रॉफिटेबिलिटी बढ़ाने की योजना बनाई है।
भविष्य के प्रदर्शन को प्रभावित करने वाले मुख्य जोखिमों में हेल्थ और हाइजीन सेक्टर में कड़ी प्रतिस्पर्धा, जिससे प्राइसिंग पावर सीमित हो सकती है, और इनपुट लागतों में उतार-चढ़ाव शामिल हैं। इसके अलावा, कंपनी के बढ़े हुए मार्केटिंग खर्च का लाभ ग्राहकों में बदलना एक महत्वपूर्ण फैक्टर होगा।
