Eternal के मुनाफे में 268% का तूफानी उछाल, Blinkit ने मचाया धमाल!

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AuthorNeha Patil|Published at:
Eternal के मुनाफे में 268% का तूफानी उछाल, Blinkit ने मचाया धमाल!

Eternal, जो Zomato और Blinkit जैसी कंपनियों की पेरेंट कंपनी है, ने Q1 FY27 में अपने नेट प्रॉफिट में सालाना आधार पर **268%** की जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की है। कंपनी का मुनाफा बढ़कर **₹92 करोड़** हो गया है। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू **182%** बढ़कर **₹20,211 करोड़** हो गया, जिसका बड़ा कारण इसके क्विक-कॉमर्स (quick-commerce) आर्म का तेज़ी से विस्तार है। हालांकि, सालाना मुनाफे में बढ़ोतरी के बावजूद, पिछले तिमाही की तुलना में मुनाफा कुछ कम हुआ है। कंपनी का कहना है कि वह फिलहाल शॉर्ट-टर्म मार्जिन से ज़्यादा मार्केट शेयर पर ध्यान दे रही है।

Detailed Coverage

Blinkit की वजह से रेवेन्यू में बम्पर ग्रोथ

Eternal ने 30 जून, 2026 को समाप्त तिमाही के लिए अपने फाइनेंशियल नतीजे पेश कर दिए हैं। कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट ₹92 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही के ₹25 करोड़ की तुलना में 268% ज़्यादा है। लेकिन, पिछले तिमाही यानी मार्च 2026 में ₹174 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया गया था, जिसमें इस बार 47% की गिरावट आई है।

ऑपरेशन्स से रेवेन्यू ₹20,211 करोड़ तक पहुँच गया, जो पिछले साल के ₹7,167 करोड़ के मुकाबले 182% की ज़बरदस्त बढ़ोतरी दिखाता है। इस रेवेन्यू ग्रोथ का सबसे बड़ा फैक्टर Blinkit का इन्वेंट्री-बेस्ड मॉडल है, जिसके तहत बेचे गए सामान की कुल वैल्यू को रेवेन्यू माना जाता है। Blinkit ने कंपनी के कुल ऑपरेटिंग रेवेन्यू में ₹15,664 करोड़ का योगदान दिया, जो कंपनी के बिज़नेस का लगभग 77.5% है। वहीं, पिछले साल इसी अवधि में क्विक-कॉमर्स डिवीज़न का रेवेन्यू ₹2,400 करोड़ था, जो इसके ऑपरेशन्स के बड़े पैमाने पर विस्तार को दर्शाता है।

इसके अलावा, फूड डिलीवरी बिज़नेस का रेवेन्यू सालाना आधार पर 37% बढ़कर ₹3,100 करोड़ रहा। 'District' सेगमेंट, जो कंपनी के 'गोइंग-आउट' बिज़नेस को संभालता है, का रेवेन्यू 54% बढ़कर ₹318 करोड़ दर्ज किया गया। हालांकि, B2B रेस्टोरेंट सप्लाई बिज़नेस, Hyperpure, का रेवेन्यू 55% घटकर ₹1,034 करोड़ रह गया, जबकि पिछले साल यह ₹2,295 करोड़ था।

खर्च और स्ट्रेटेजिक खर्च

तिमाही के दौरान कंपनी का कुल खर्च ₹20,314 करोड़ रहा। इसमें से ₹12,860 करोड़ 'स्टॉक-इन-ट्रेड' (stock-in-trade) की खरीद पर खर्च हुए, जो सीधे Blinkit के इन्वेंट्री मॉडल से जुड़ा है। डिलीवरी और संबंधित खर्च 69% बढ़कर ₹3,150 करोड़ हो गए, जबकि एडवरटाइजिंग और प्रमोशनल खर्च 41% बढ़कर ₹945 करोड़ हो गया। कर्मचारी बेनिफिट खर्च भी 29% बढ़कर ₹1,068 करोड़ दर्ज किया गया।

कंपनी के फाउंडर दीपेंदर गोयल के नेतृत्व में मैनेजमेंट ने यह साफ कर दिया है कि वे फिलहाल तुरंत मुनाफे से ज़्यादा बाज़ार में अपनी पकड़ मज़बूत करने पर ध्यान देंगे। कंपनी ज़रूरत पड़ने पर ग्रोथ इनिशिएटिव्स पर ज़्यादा खर्च करने को तैयार है। क्विक-कॉमर्स और डिलीवरी स्पेस में कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच यह स्ट्रेटेजी अपनाई जा रही है। ज़्यादा कस्टमर्स को जोड़ने के लिए, Eternal अपने 'Bistro' इनिशिएटिव पर भी फोकस कर रहा है, जिसका लक्ष्य सस्ते फूड डिलीवरी ऑप्शन्स देना है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.