Eternal Ltd. अब भारत की 1% से ज्यादा आबादी को रोजगार का सहारा दे रही है। कंपनी के पास 31 लाख डिलीवरी पार्टनर्स हैं और 2030 तक इसे 5% करने का लक्ष्य है, जिस पर निवेशकों की नजरें टिकी हैं।
रोजगार का बड़ा जरिया बनी कंपनी
Zomato और Blinkit की पैरेंट कंपनी Eternal Ltd. का इकोसिस्टम अब भारतीय अर्थव्यवस्था में एक बड़ी भूमिका निभा रहा है। हालिया आंकड़ों के मुताबिक, कंपनी अब देश की कुल आबादी के 1% से ज्यादा हिस्से की आजीविका का जरिया बन चुकी है। कंपनी के प्लेटफॉर्म से फिलहाल 31 लाख (3.1 million) डिलीवरी पार्टनर्स जुड़े हैं, जो पिछले साल के मुकाबले 57% का बड़ा इजाफा है। कंपनी के वाइस चेयरमैन दीपेंद्र गोयल ने 2030 तक इसे बढ़ाकर भारत की 5% आबादी तक ले जाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है।
इनवेंटरी-लेड मॉडल और चुनौतियां
इस तेजी के बावजूद, निवेशकों की चिंताएं भी बरकरार हैं। Blinkit में कंपनी का 'इनवेंटरी-लेड बिजनेस मॉडल' पर जोर है, जिससे सर्विस तो तेज हुई है लेकिन इसमें कैपिटल का खर्च काफी ज्यादा है। 10 अक्टूबर 2026 को शेयर का भाव लगभग ₹320 के आसपास ट्रेड कर रहा है। मार्केट एनालिस्ट इस बात पर नजर रखे हुए हैं कि स्टोर विस्तार और ग्राहकों को जोड़ने का यह आक्रामक तरीका प्रॉफिट मार्जिन पर क्या असर डालता है।
रिस्क फैक्टर और रेगुलेटरी स्क्रूटनी
कंपनी के सामने केवल फाइनेंशियल चुनौतियां ही नहीं हैं, बल्कि गिग इकोनॉमी (Gig Economy) को लेकर बढ़ती रेगुलेटरी सख्ती भी एक बड़ा रिस्क है। डिलीवरी पार्टनर्स की नौकरी की स्थिरता और शहरों में ट्रैफिक-सुरक्षा को लेकर अक्सर सवाल उठते रहे हैं। हालांकि, कंपनी ने 2 लाख से ज्यादा पार्टनर्स को इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स देकर इस दिशा में कदम बढ़ाए हैं, लेकिन बढ़ते कॉम्पिटिशन के बीच प्रॉफिटेबिलिटी और सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी के बीच बैलेंस बनाना कंपनी के लिए सबसे बड़ी परीक्षा है।
