Epigamia का ₹165 करोड़ का बड़ा सेकेंडरी डील: Verlinvest और मिराचंदानी परिवार की हिस्सेदारी बढ़ी

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Epigamia का ₹165 करोड़ का बड़ा सेकेंडरी डील: Verlinvest और मिराचंदानी परिवार की हिस्सेदारी बढ़ी

डेयरी स्टार्टअप Epigamia ने **$20 मिलियन** (लगभग ₹165 करोड़) का सेकेंडरी ट्रांजेक्शन पूरा कर लिया है। इस डील में मौजूदा निवेशक Verlinvest और मिराचंदानी परिवार ने कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। हालांकि, यह एक प्राइवेट कंपनी है और स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड नहीं है।

क्या है यह सेकेंडरी डील?

Epigamia, जो अपने ग्रीक योगर्ट और प्रोटीन-आधारित प्रोडक्ट्स के लिए जानी जाती है, ने $20 मिलियन से अधिक मूल्य का एक सेकेंडरी ट्रांजेक्शन फाइनल किया है। इस डील के तहत, प्रमुख मौजूदा निवेशकों Verlinvest और दिवंगत फाउंडर रोहन मिराचंदानी के परिवार ने कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। इस डील से Manu Chandra के नेतृत्व वाली इन्वेस्टमेंट फर्म Sauce की भी एंट्री हुई है, जबकि शुरुआती निवेशक DSG Consumer Partners और Ka Enterprises ने अपनी पोजीशन एग्जिट कर ली है।

यह समझना अहम है कि यह एक सेकेंडरी ट्रांजेक्शन था। इसका मतलब है कि शेयर नए और मौजूदा निवेशकों के बीच ट्रांसफर हुए, न कि कंपनी ने कोई नया फंड रेज किया। Epigamia (Drums Food International) एक प्राइवेट कंपनी है, इसलिए इसके शेयर NSE या BSE पर ट्रेड नहीं होते। इस तरह की डील अक्सर बदलाव का संकेत देती है, जहां शुरुआती निवेशक बाहर निकलते हैं और लंबे समय के निवेशक अपनी पोजीशन मजबूत करते हैं, जो कंपनी के डेवलपमेंट के मौजूदा चरण में विश्वास दिखाता है।

कंपनी का ग्रोथ प्लान और फाइनेंशियल लक्ष्य

Epigamia ने भविष्य के लिए बड़े लक्ष्य तय किए हैं। कंपनी हर 24 से 30 महीनों में अपने बिजनेस ऑपरेशन्स को दोगुना करने का इरादा रखती है। मैनेजमेंट को उम्मीद है कि चालू फाइनेंशियल ईयर के अंत तक यह ₹700 करोड़ से अधिक के एनुअल रिकरिंग रेवेन्यू (ARR) तक पहुंच जाएगी। कंपनी का long-term लक्ष्य 2028 के फाइनेंशियल ईयर तक ₹1,000 करोड़ ARR का आंकड़ा पार करना है। कंपनी खुद को कैश-रिच और प्रॉफिटेबल बताती है, और ऑपरेशन्स के लिए कोई नया कैपिटल जुटाने की तत्काल योजना नहीं है।

हालांकि ग्रीक योगर्ट अभी भी कंपनी की आय का आधे से अधिक हिस्सा लाता है, Epigamia ने अपने पोर्टफोलियो का काफी विस्तार किया है। हालिया विस्तार में प्रोटीन मिल्क शेक, स्मूदी, लैक्टोज-फ्री प्रोडक्ट्स और पनीर जैसे हाई-प्रोटीन ऑप्शन शामिल हैं। इन ग्रोथ टारगेट्स को सपोर्ट करने के लिए मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करना वर्तमान रणनीति का एक अहम हिस्सा है।

ऑपरेशनल रिस्क और सेक्टर का आउटलुक

पेरिशेबल FMCG (Fast-Moving Consumer Goods) सेक्टर में काम करने की अपनी चुनौतियां हैं। कंपनी प्रोडक्ट क्वालिटी और डिस्ट्रीब्यूशन एफिशिएंसी सुनिश्चित करने के लिए कोल्ड-चेन मैनेजमेंट पर बहुत अधिक निर्भर करती है। बिक्री का एक बड़ा हिस्सा—लगभग 47% से 48%—क्विक कॉमर्स चैनलों से आता है। यह आधुनिक शहरी उपभोक्ता आदतों के साथ मजबूत तालमेल दिखाता है, लेकिन यह इन प्लेटफॉर्म्स पर निर्भरता भी पैदा करता है और उस कम्पेटिटिव प्राइसिंग एनवायरनमेंट का हिस्सा बनता है जिसमें वे काम करते हैं।

डेयरी और स्नैकिंग सेक्टर में निवेशक इस बात पर नजर रखेंगे कि कंपनी अपने महत्वाकांक्षी विस्तार लक्ष्यों को कैसे प्रबंधित करती है। प्रोडक्शन को बढ़ाते हुए और कम्पेटिटिव परिदृश्य में नेविगेट करते हुए प्रॉफिटेबिलिटी बनाए रखने की क्षमता महत्वपूर्ण होगी। भविष्य के अपडेट में कंपनी की ARR माइलस्टोन की ओर प्रगति और किसी भी संभावित पब्लिक लिस्टिंग की ओर किसी भी कदम पर नज़र रखी जाएगी, जो इस पैमाने की कंपनियों के लिए एक आम रास्ता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.