EID Parry Share: 5 तिमाहियों में CPG को मुनाफे में लाने का लक्ष्य, रेवेन्यू में की बड़ी कटौती

CONSUMER-PRODUCTS
Whalesbook Logo
AuthorKaran Malhotra|Published at:
EID Parry Share: 5 तिमाहियों में CPG को मुनाफे में लाने का लक्ष्य, रेवेन्यू में की बड़ी कटौती

EID Parry अपने कंज्यूमर प्रोडक्ट्स ग्रुप (CPG) को अगले 4 से 5 तिमाहियों में मुनाफे में लाने का लक्ष्य लेकर चल रही है। कंपनी ने Q1FY27 में अपने रेवेन्यू में **50%** की भारी गिरावट दर्ज की है, जिसका कारण जानबूझकर कम मार्जिन वाले प्रोडक्ट्स से बाहर निकलना बताया गया है। निवेशक कंपनी की मार्जिन-केंद्रित रणनीति, कर्ज घटाने के प्रयासों और ग्रोथ के लिए नए गुड़ प्लांट की योजनाओं पर बारीकी से नजर रख रहे हैं।

CPG में बड़े बदलाव की तैयारी

मुरुगप्पा ग्रुप (Murugappa Group) की कंपनी EID Parry अपने कंज्यूमर प्रोडक्ट्स ग्रुप (CPG) में बड़े रणनीतिक बदलाव कर रही है ताकि कुल मुनाफे को बढ़ाया जा सके। कंपनी ने बताया कि 2027 के फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही में CPG का रेवेन्यू घटकर ₹94 करोड़ रह गया, जो पिछले साल की इसी अवधि में ₹188 करोड़ था। मैनेजमेंट ने साफ किया है कि रेवेन्यू में यह 50% की गिरावट कमजोर कंज्यूमर डिमांड के कारण नहीं, बल्कि जानबूझकर कम मार्जिन वाले प्रोडक्ट्स की बिक्री बंद करने का नतीजा है।

CPG रीस्ट्रक्चरिंग और ग्रोथ की योजनाएं

कंपनी ने CPG सेगमेंट के लिए अगले 4 से 5 तिमाहियों के भीतर क्वार्टरली ब्रेक-ईवन (ब्रेक-ईवन पॉइंट) हासिल करने का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को पाने के लिए EID Parry बेहतर मार्जिन वाले प्रोडक्ट्स पर फोकस कर रही है और अपने डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क का विस्तार भी कर रही है। इस प्लान का एक अहम हिस्सा कर्नाटक में एक नया ऑटोमेटेड गुड़ प्लांट (Jaggery Plant) है, जो अगले छह महीनों में शुरू होने वाला है। कंपनी को उम्मीद है कि यह प्लांट गुड़ उत्पादन की क्षमता को दोगुना कर देगा और अकेले इस प्रोडक्ट लाइन से सालाना लगभग ₹100 करोड़ का टर्नओवर हासिल करने में मदद करेगा।

वित्तीय सेहत और सेगमेंट परफॉर्मेंस

जहां CPG सेगमेंट एक ट्रांजिशन फेज से गुजर रहा है, वहीं कंपनी के दूसरे बिजनेस सेगमेंट्स ने ग्रोथ दिखाई है। शुगर सेगमेंट का रेवेन्यू Q1FY27 में ₹410 करोड़ रहा, जो पिछले साल की तुलना में 18% ज्यादा है। यह ग्रोथ हायर सेल्स वॉल्यूम से समर्थित थी। बैलेंस शीट पर कंपनी ने कर्ज घटाने पर भी ध्यान केंद्रित किया है। स्टैंडअलोन शॉर्ट-टर्म डेट (Short-term debt) घटकर ₹980 करोड़ रह गया है, जो पहले ₹1,250 करोड़ था। कर्ज कम करने का यह प्रयास कंपनी के मुख्य शुगर और बायोफ्यूल ऑपरेशंस में वित्तीय कुशलता (Financial efficiency) को बेहतर बनाने के व्यापक लक्ष्य का हिस्सा है।

बिजनेस रिस्क और आउटलुक

निवेशकों को इन योजनाओं के एग्जीक्यूशन पर कड़ी नजर रखनी होगी, क्योंकि इसमें कुछ खास तरह के रिस्क भी शामिल हैं। CPG सेगमेंट का टर्नअराउंड (Turnaround) नए गुड़ प्लांट के समय पर चालू होने और नए प्रोडक्ट्स के सफल लॉन्च पर काफी हद तक निर्भर करता है। इस बात का भी जोखिम है कि हायर-मार्जिन वाले प्रोडक्ट्स की डिमांड कंपनी की उम्मीदों के मुताबिक न रहे। इसके अलावा, शुगर बिजनेस को घरेलू कीमतों में करेक्शन (Correction) का सामना करना पड़ सकता है, जैसे ही नया क्रशिंग सीजन शुरू होगा। डिस्टिलरीज के लिए फीडस्टॉक (Feedstock) की उपलब्धता एक ऐसा फैक्टर है जिस पर नजर रखनी होगी, क्योंकि स्थानीय खेती के पैटर्न में बदलाव, जैसे धान की खेती की ओर झुकाव, कच्चे माल की सप्लाई को प्रभावित कर सकता है। आने वाले महीनों के लिए मुख्य मॉनिटरेबल (Monitorable) प्लांट के कंस्ट्रक्शन की प्रगति और मैनेजमेंट द्वारा शेड्यूल के अनुसार ब्रेक-ईवन टारगेट को हिट करने में सफलता होगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.