सेल्स टारगेट चूके, घटाया फोरकास्ट
Domino's की डोमेस्टिक सेल्स ग्रोथ उम्मीद से काफी कम, सिर्फ 0.9% रही। जबकि वॉल स्ट्रीट के एनालिस्ट्स (विश्लेषकों) ने 2.3% ग्रोथ की उम्मीद जताई थी। इस वजह से, कंपनी ने पूरे साल के लिए अपने ग्रोथ के अनुमान को घटाकर लो-सिंगल-डिजिट ग्रोथ कर दिया है, जो पहले 3% रहने की उम्मीद थी।
पिज़्ज़ा मार्केट में प्राइस वॉर तेज
पिज़्ज़ा मार्केट में गलाकाट मुकाबला चल रहा है। Domino's के ₹9.99 वाले 'Best Deal Ever' को Papa John's और Pizza Hut जैसे प्रतिद्वंद्वियों से कड़ी चुनौती मिल रही है, जिन्होंने इसी तरह के ऑफर्स पेश किए हैं। Little Caesars ने तो $6.99 के ऑफर को $5.99 में लॉन्च कर दिया, जिससे प्राइस वॉर और भी भड़क गई है।
आर्थिक मंदी का असर
इसके अलावा, कड़ाके की ठंड और बढ़ती पेट्रोल की कीमतों की वजह से उपभोक्ताओं का सेंटिमेंट (मनोदशा) काफी गिरा है, जिसने लोगों के खर्च करने की क्षमता को प्रभावित किया है।
प्रतिद्वंद्वियों की रणनीतिक चालें
वहीं, Pizza Hut की पेरेंट कंपनी Yum Brands इस ब्रांड को बेचने पर विचार कर रही है। Papa John's के भी प्राइवेटाइजेशन (प्राइवेट कंपनी बनने) की खबरें हैं। ये दोनों कंपनियां इस साल सैकड़ों स्टोर बंद करने की योजना बना रही हैं।
Domino's को मिल सकता है फायदा?
हालांकि, प्रतिद्वंद्वियों के स्टोर बंद होने से Domino's को मार्केट शेयर में फायदा हो सकता है। एनालिस्ट्स का मानना है कि अगर Pizza Hut या Papa John's बिकते हैं और ज्यादा स्टोर बंद होते हैं, तो Domino's की मार्केट पोजीशन मजबूत हो सकती है। पिछले एक साल में Domino's के शेयर की वैल्यू एक तिहाई से ज्यादा गिर चुकी है, जिसकी मार्केट कैपिटलाइजेशन (बाजार पूंजीकरण) करीब $11.2 बिलियन है।
