📉 कंपनी के नतीजे: रेवेन्यू में उछाल, मार्जिन पर दबाव
Dodla Dairy ने Q3 FY26 के अपने वित्तीय नतीजे पेश किए हैं, जिसमें कंपनी के रेवेन्यू में पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 13.7% की जोरदार बढ़त दर्ज की गई और यह ₹1025 करोड़ पर पहुंच गया। यह टॉप-लाइन ग्रोथ मुख्य रूप से लिक्विड मिल्क, दही और वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स (VAPs) जैसे सेगमेंट्स में वॉल्यूम की मजबूत बढ़त से हासिल हुई है।
हालांकि, कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी पर लागत का दबाव साफ देखने को मिला। ग्रॉस मार्जिन में भारी गिरावट आई, जो Q3 FY25 के 28.2% से घटकर 26% पर आ गया। इस गिरावट की सीधी वजह दूध प्रोक्योरमेंट की लागतों में आई तेजी है, जो पिछले क्वार्टर से लगभग ₹2.5 प्रति लीटर तक बढ़ गई। इंडस्ट्री में दूध की कमी और खराब मौसम के कारण यह लागत बढ़ी है। मैनेजमेंट ने विंटर सीजन में मार्केट शेयर बनाए रखने के लिए तुरंत पूरी लागत ग्राहकों पर न डालने का फैसला किया।
इसके चलते, इस तिमाही में EBITDA ₹79 करोड़ रहा, जिसका मार्जिन 7.7% रहा। प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ₹69 करोड़ दर्ज किया गया, जिसमें नेट मार्जिन 6.7% रहा। इस तिमाही के एक्सेप्शनल आइटम्स में लेबर कोड से जुड़े ₹6 करोड़ का प्रोविजन शामिल था, जिसे इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल (ITAT) के फेवरेबल ऑर्डर के कारण ₹22 करोड़ के टैक्स रिवर्सल से आंशिक रूप से एडजस्ट किया गया।
साल के पहले नौ महीनों (9M FY26) के प्रदर्शन की बात करें तो रेवेन्यू में 8.5% की YoY ग्रोथ के साथ यह ₹3051 करोड़ रहा। इस अवधि में EBITDA ₹255 करोड़ (8.3% मार्जिन) और PAT ₹197 करोड़ (6.5% मार्जिन) रहा।
🌍 अफ्रीका में मजबूत ग्रोथ और आगे की योजना
Dodla Dairy के अफ्रीकी ऑपरेशंस ने शानदार ग्रोथ दिखाई है, जहां रेवेन्यू में सालाना आधार पर 34.5% की उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। यह ग्रोथ मुख्य रूप से केन्या में विस्तार के प्रयासों के कारण संभव हुई है।
एक महत्वपूर्ण रणनीतिक कदम के तहत, कंपनी युगांडा में एक नई ग्रीनफील्ड विस्तार परियोजना शुरू करने की योजना बना रही है। कंपनी ने 70 एकड़ जमीन का अधिग्रहण कर लिया है और अगले दो वर्षों में ₹50-60 करोड़ का कैपिटल एक्सपेंडिचर (कैपेक्स) करने का अनुमान है। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का लक्ष्य पूर्वी अफ्रीका में अपनी मार्केट में हिस्सेदारी बढ़ाना है और इसके FY28 के अंत तक रेवेन्यू जनरेट करने की उम्मीद है।
घरेलू स्तर पर, महाराष्ट्र प्रोजेक्ट भी तय समय पर चल रहा है और इसके FY27 के अंत तक कमर्शियल ऑपरेशंस शुरू करने की उम्मीद है।
📈 जोखिम और आउटलुक
निवेशकों के लिए मुख्य चिंता मार्जिन में आई कमी है। मैनेजमेंट ने संकेत दिया है कि वे धीरे-धीरे प्रोक्योरमेंट लागत में हुई बढ़ोतरी को कीमतों में एडजस्ट करेंगे, जिसका लक्ष्य गर्मी की मांग बढ़ने पर प्रति लीटर ₹2-3 की कुल प्राइस हाइक करना है। कंपनी की लॉन्ग-टर्म स्ट्रेटेजी में VAPs का कुल सेल्स मिक्स में योगदान बढ़ाकर 30-32% तक ले जाना शामिल है। SMP और बटर की बल्क सेल्स में कमी आई है, लेकिन अब फोकस लिक्विड मिल्क और VAPs में ग्रोथ बढ़ाने पर रहेगा।
Dodla Dairy के पास वर्तमान में ₹630 करोड़ का कैश रिजर्व है, जो कंपनी को अपनी मौजूदा और नियोजित ग्रोथ पहलों का समर्थन करने में मदद करेगा। आने वाली तिमाहियों में मार्जिन रिकवरी और प्रॉफिटेबिलिटी बनाए रखने के लिए प्राइस हाइक्स और VAP स्ट्रेटेजी का सफल क्रियान्वयन महत्वपूर्ण होगा।