GST रेट में राहत के बाद भारत में डिशवॉशर की बिक्री ने रफ्तार पकड़ ली है। साल 2026 की पहली छमाही में डिशवॉशर मार्केट में **49%** की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है, क्योंकि अब ये उपकरण आम घरों के बजट में आ रहे हैं।
कीमत में कमी, बिक्री में तेजी
सरकार द्वारा सितंबर 2025 में GST को 28% से घटाकर 18% करने के फैसले ने पूरे मार्केट का रुख बदल दिया है। इस फैसले के बाद डिशवॉशर की कीमतों में ₹4,500 से लेकर ₹7,500 तक की गिरावट आई है। अब यह प्रोडक्ट केवल अमीरों का शौक नहीं, बल्कि एक उपयोगी घरेलू उपकरण बनता जा रहा है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 15-प्लेस-सेटिंग वाले बड़े मॉडल्स की बिक्री में 137% की भारी बढ़ोतरी देखी गई है।
टियर-2 शहरों में बढ़ी डिमांड
अब डिशवॉशर की मांग केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है। आंकड़ों के मुताबिक, देश के टियर-2 शहरों से कुल बिक्री में 30% का योगदान मिल रहा है। कंपनियां अब अपने प्रोडक्ट्स को 'इंडियन किचन' के हिसाब से ढाल रही हैं, जिनमें कढ़ाही, प्रेशर कुकर और मसालों के जिद्दी दाग साफ करने के लिए खास 'क्लीनिंग साइकल' दिए जा रहे हैं।
कंपनियों का दांव
दिग्गज कंपनियां इस अवसर को भुनाने की तैयारी में हैं:
- BSH Home Appliances: इनके 2026 के पहले 8 महीनों की बिक्री पिछले पूरे साल के आंकड़ों को पार कर गई है।
- IFB Industries: कंपनी ने अपनी इन्वेंट्री में 28% का इजाफा किया है, जो आने वाले समय में डिमांड बढ़ने के उनके भरोसे को दिखाता है।
- LG Electronics: कंपनी प्रीमियम से हटकर मास-मार्केट सेगमेंट में अपनी पहुंच बढ़ाने पर जोर दे रही है।
चुनौतियां अभी भी कायम
भारत में डिशवॉशर की पेनिट्रेशन अभी भी केवल 0.5% है, जबकि पश्चिमी देशों में यह 70% से 75% तक है। रसोई में जगह की कमी, पानी की उपलब्धता और घर में आसानी से उपलब्ध होने वाली मदद (Household Help) जैसे कारण अभी भी बड़े हर्डल बने हुए हैं। निवेशकों के लिए यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कंपनियां कम कीमत के बावजूद अपने प्रॉफिट मार्जिन को कैसे मैनेज करती हैं।
