मुनाफे में कैसे आई कंपनी?
बुधवार को Devyani International के शेयर भाव में इंट्राडे (Intraday) तेजी देखी गई, जिसका मुख्य कारण कंपनी के तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के नतीजे और भविष्य की रणनीतियाँ थीं। कंपनी ने 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त हुई तिमाही के लिए ₹1,441 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू (Consolidated Revenue) दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 11.3% अधिक है। इस ग्रोथ की सबसे बड़ी वजह भारत में कंपनी के ऑपरेशंस (Operations) में आई 12.1% की जोरदार बढ़ोतरी रही। इसी के साथ, कंपनी की ईबीआईटीडीए मार्जिन (EBITDA Margin) भी पिछले क्वार्टर के 14.1% से सुधरकर 15.7% पर पहुँच गई, जो बढ़ी हुई ऑपरेशनल एफिशिएंसी (Operational Efficiency) का संकेत देती है।
घाटे के बीच टर्नअराउंड की कोशिशें
हालांकि, रेवेन्यू और मार्जिन में सुधार के बावजूद, Devyani International को इस तिमाही में ₹11.1 करोड़ का नेट लॉस (Net Loss) हुआ। पिछले क्वार्टर (Q2 FY26) में यह घाटा ₹23.9 करोड़ था, जबकि पिछले साल की तीसरी तिमाही (Q3 FY25) में कंपनी ने ₹7.6 करोड़ का प्रॉफिट (Profit) कमाया था। कंपनी का मैनेजमेंट पिज़्ज़ा हट (Pizza Hut) ब्रांड के घाटे वाले आउटलेट्स (Outlets) को बंद करने या सुधारने (Rationalization) के ज़रिए इस ब्रांड को वापस पटरी पर लाने की कोशिश कर रहा है। मैनेजमेंट ने बताया कि जनवरी में पिज़्ज़ा हट को छोड़कर, कंपनी के ज़्यादातर ब्रांड्स में सेम-स्टोर सेल्स ग्रोथ (Same-Store Sales Growth - SSSG) पॉजिटिव रही, जिससे आगे चलकर कंपनी की फाइनेंशियल पोजीशन (Financial Position) मजबूत होने की उम्मीद है।
स्ट्रैटेजिक एक्विजिशन और मार्केट पोजीशन
एक और महत्वपूर्ण कदम में, Devyani International के बोर्ड ने Sky Gate Hospitality Private Limited में 11.4% अतिरिक्त इक्विटी स्टेक (Equity Stake) खरीदने की मंज़ूरी दी है। इस एक्विजिशन (Acquisition) पर ₹57.5 करोड़ खर्च किए जाएंगे, जो नकद और प्रेफरेंस शेयर्स (Preference Shares) के ज़रिए होगा। इस डील के बाद Sky Gate, Devyani International की पूरी तरह से अपनी सब्सिडियरी (Wholly-owned Subsidiary) बन जाएगी। यह कदम क्विक-सर्विस रेस्टोरेंट (QSR) सेक्टर में कंपनी की पोजीशन को और मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है। विश्लेषकों का मानना है कि Sapphire Foods जैसी कंपनियों के साथ मर्जर (Merger) से ₹225 करोड़ तक के सिनर्जीज़ (Synergies) पैदा हो सकते हैं, जिससे KFC की मार्केट लीडरशिप (Market Leadership) और पिज़्ज़ा हट की कॉम्पिटिटिवनेस (Competitiveness) को बूस्ट मिल सकता है।
वैल्यूएशन और सेक्टर का आउटलुक
Devyani International भारत में एक बड़ा फ्रैंचाइज़ी ऑपरेटर (Franchisee Operator) है, जो कई ब्रांड्स के तहत 2,279 से ज़्यादा स्टोर्स चलाता है। कंपनी का मार्केट कैपिटलाइज़ेशन (Market Capitalization) लगभग ₹18,000 करोड़ है और इसका ट्रेलिंग पी/ई रेश्यो (Trailing P/E Ratio) करीब 50x है, जो भारत के बढ़ते QSR मार्केट में निवेशकों के लॉन्ग-टर्म ग्रोथ (Long-term Growth) पर भरोसे को दर्शाता है। भारत का QSR सेक्टर अगले कुछ सालों में 15-20% के कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से बढ़ने की उम्मीद है, जिसका फायदा कंपनी को मिल सकता है। हालांकि, अपने हालिया नेट लॉस के बावजूद, Devyani International के प्रतिस्पर्धी जैसे Jubilant FoodWorks और Westlife Foodworld लगातार ग्रोथ दिखा रहे हैं। पिछले एक महीने में स्टॉक में 22% की गिरावट देखी गई थी, लेकिन आज ट्रेडिंग वॉल्यूम (Trading Volume) में काफी बढ़ोतरी हुई, जिससे पता चलता है कि निवेशकों की दिलचस्पी फिर से जगी है। एनालिस्ट्स (Analysts) की राय मिली-जुली है, कुछ नेट लॉस को देखते हुए न्यूट्रल (Neutral) बने हुए हैं, तो कुछ ₹130-₹150 के टारगेट प्राइस (Target Price) के साथ ग्रोथ पोटेंशियल (Growth Potential) को स्वीकार कर रहे हैं।
