मुनाफे पर गहराया संकट
तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के नतीजे बताते हैं कि Devyani International को ₹10.39 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट लॉस (Consolidated Net Loss) हुआ है। यह तब हुआ जब कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 11.3% बढ़कर ₹1,440.9 करोड़ दर्ज किया गया। कंपनी के नतीजों में मार्जिन में गिरावट (Margin Compression) साफ दिख रही है। ऑपरेटिंग मार्जिन (Operating Margin) जो पिछले साल 16.48% था, वह घटकर 16.04% हो गया। इसकी मुख्य वजह एम्प्लॉई एक्सपेंस (Employee Expense) का बढ़ना है, जो सेल्स का 15.09% हो गया। ग्रॉस प्रॉफिट मार्जिन (Gross Profit Margin) भी 12.00% से घटकर 10.54% रह गया। इसके अलावा, डेप्रिसिएशन (Depreciation) में 13.54% की बढ़ोतरी और ₹70.02 करोड़ का इंटरेस्ट कॉस्ट (Interest Cost) कंपनी के बॉटम लाइन पर भारी पड़ा, जिससे प्री-टैक्स लॉस (Pre-tax Loss) ₹14.91 करोड़ दर्ज किया गया। कंपनी का पी/ई रेशियो (P/E Ratio) भी -336.12x के स्तर पर है, जो मौजूदा घाटे की स्थिति को दर्शाता है।
रणनीतिक बदलाव और नेतृत्व
इन प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) की चुनौतियों के बीच, Devyani International बड़े रणनीतिक बदलावों से गुजर रही है। कंपनी ने अपने लंबे समय से CFO रहे मनीष(Manish) दवार (Dawar) को 1 अप्रैल, 2026 से प्रेसिडेंट और सीईओ (President & CEO) नियुक्त किया है। दवार का मुख्य काम Sapphire Foods India के साथ होने वाले मर्जर (Merger) का नेतृत्व करना होगा। यह मर्जर भारत के सबसे बड़े क्विक-सर्विस रेस्टोरेंट (QSR) प्लेटफॉर्म का निर्माण करेगा और इससे सालाना ₹210 करोड़ से ₹225 करोड़ तक की सिनर्जी बेनिफिट्स (Synergy Benefits) मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही, कंपनी ने स्काई गेट हॉस्पिटैलिटी (Sky Gate Hospitality) का पूरा अधिग्रहण (Acquisition) भी पूरा कर लिया है। पिज़्ज़ा हट (Pizza Hut) के बिजनेस को रिवाइव करने के लिए कंपनी 2025 और 2026 में नए आउटलेट नहीं खोलेगी और ऑपरेशनल सुधारों पर ध्यान केंद्रित करेगी।
मार्केट पोजिशनिंग और कॉम्पिटिशन
Devyani International भारत के तेजी से बढ़ते क्विक सर्विस रेस्टोरेंट (QSR) मार्केट में काम करती है, जिसके 2026 तक $30.37 बिलियन और 2031 तक $47.28 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है, जिसमें 9.25% का सीएजीआर (CAGR) रहेगा। 31 दिसंबर, 2025 तक कंपनी के पास 2,279 स्टोर थे, जिनमें KFC, Pizza Hut, Costa Coffee और अपने खुद के ब्रांड शामिल हैं। 3 फरवरी, 2026 तक कंपनी का मार्केट कैप (Market Cap) लगभग ₹15,201 करोड़ था। वहीं, इसके मुकाबले Jubilant FoodWorks का मार्केट कैप लगभग ₹33,468 करोड़ है, जिसका पी/ई रेशियो 109.21x है। Sapphire Foods का मार्केट कैप करीब ₹6,035 करोड़ है, जिसका पी/ई रेशियो 2794.57x है। पिछले 12 महीनों में Devyani International के शेयर में लगभग 33.38% की गिरावट आई है।
एनालिस्ट्स की राय और भविष्य की राह
हालांकि, कंपनी की मौजूदा प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) को लेकर चिंताएं हैं, लेकिन एनालिस्ट्स (Analysts) का रुख ज्यादातर पॉजिटिव बना हुआ है। 25 एनालिस्ट्स में से 15 'Buy' की सलाह दे रहे हैं, 5 'Hold' और 5 'Sell' की। कुल मिलाकर, कंसेंसस (Consensus) 'Outperform' का है। 12 महीने का एवरेज प्राइस टारगेट (Average Price Target) ₹168.60 है, जो मौजूदा स्तरों से लगभग 36% की बढ़त का संकेत देता है। मैक्वेरी (Macquarie) और बर्न्सटीन (Bernstein) जैसी ब्रोकरेज फर्मों ने 'Outperform' रेटिंग के साथ ₹160 का टारगेट दिया है। जेफरीज (Jefferies) ने भी मर्जर की संभावनाओं को देखते हुए 'Buy' रेटिंग और ₹145 का टारगेट दिया है। यह पॉजिटिव आउटलुक Sapphire Foods के साथ सफल मर्जर, Pizza Hut बिजनेस के टर्नअराउंड और मुख्य ब्रांडों के विस्तार पर निर्भर करता है।
