Devyani International के शेयरों में सोमवार को इंट्राडे हाई से करीब 8% की गिरावट देखी गई। कंपनी ने ₹3.46 करोड़ का मुनाफा तो दर्ज किया है, लेकिन पिछली तिमाही के मुकाबले मुनाफे में 79.8% की भारी गिरावट और रेवेन्यू में कमी ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
मुनाफे में क्यों आई गिरावट?
KFC और Pizza Hut की ऑपरेटर Devyani International के लिए सितंबर तिमाही मिली-जुली रही। हालांकि कंपनी ने पिछले साल के नुकसान से उबरकर इस बार ₹3.46 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया है, लेकिन निवेशकों को निराशा तब हुई जब उन्होंने पिछली तिमाही (जून) के ₹17.10 करोड़ के मुनाफे से इसकी तुलना की। यह 79.8% की गिरावट कंपनी की कमाई की स्थिरता पर सवाल खड़े कर रही है। वहीं, कुल आय ₹1,531.39 करोड़ रही, जो सालाना आधार पर 10.8% बढ़ी है, लेकिन तिमाही आधार पर इसमें 4.2% की कमी आई है, जो डिमांड में सुस्ती का संकेत है।
विस्तार बनाम डिमांड का गणित
कंपनी ने अपनी आक्रामक विस्तार नीति जारी रखते हुए इस तिमाही में 70 नए स्टोर खोले हैं, जिससे अब इनके कुल स्टोर्स की संख्या 2,325 हो गई है। ऑपरेटिंग EBITDA ₹229 करोड़ रहा, जिसमें साल-दर-साल 34% का उछाल दिखा है। हालांकि, शेयर में गिरावट यह बताती है कि बाजार को कंपनी की आक्रामक扩张 (expansion) रणनीति पर भरोसा कम हो रहा है, क्योंकि डिमांड कमजोर बनी हुई है। कंपनी का लक्ष्य इस फाइनेंशियल ईयर में 200 से 220 नए स्टोर खोलने का है, लेकिन प्रॉफिटेबिलिटी बरकरार रखना बड़ी चुनौती है।
चुनौतियां और जोखिम
कंपनी फिलहाल कच्चे माल की महंगाई (inflation) और बढ़ते लेबर खर्च के दबाव से जूझ रही है। इसके अलावा, फूड सर्विस सेक्टर में भी discretionary खर्च में गिरावट देखी जा रही है। उपभोक्ता अपनी आदतों में बदलाव कर रहे हैं, जिसका सीधा असर फुटफॉल और ट्रांजेक्शन साइज पर पड़ रहा है। ऐसे में कंपनी के लिए इतने बड़े नेटवर्क को प्रॉफिटेबल रखना आसान नहीं होगा।
निवेशकों को क्या देखना चाहिए?
आने वाले समय में 'सेम-स्टोर सेल्स ग्रोथ' पर नजर रखना बेहद जरूरी है। यदि मौजूदा स्टोर्स की बिक्री में सुस्ती जारी रहती है, तो यह फास्ट-फूड सेगमेंट में मांग घटने का स्पष्ट संकेत होगा।
