Devyani International ने Q2 के नतीजे पेश कर दिए हैं, जहां कंपनी का लॉस घटकर ₹20-24 लाख पर आ गया है। कंपनी का रेवेन्यू **10.4%** बढ़ा है, लेकिन बाजार ने शेयर में **8%** से ज्यादा की गिरावट दर्ज की है।
मुनाफे की ओर बढ़ते कदम
कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2027 की दूसरी तिमाही में शानदार रिकवरी दिखाई है। पिछले साल की समान अवधि में जो नेट लॉस ₹21.89-22 करोड़ था, वह इस बार घटकर ₹20-24 लाख के करीब रह गया है। हालांकि, इतने अच्छे आंकड़ों के बावजूद सोमवार को शेयर में बिकवाली हावी रही और यह दिन के उच्च स्तर से 8% से ज्यादा नीचे गिर गया।
रेवेन्यू और ब्रांड परफॉरमेंस
कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 10.4% बढ़कर ₹1,519.4 करोड़ पर पहुंच गया है। सबसे बड़ा बदलाव कंपनी के 'होमग्रोन' ब्रांड्स जैसे Biryani By Kilo और Vaango की परफॉरमेंस में दिखा है, जिन्होंने ₹121.1 करोड़ का रेवेन्यू जेनरेट किया। इनका ब्रांड कंट्रीब्यूशन मार्जिन पिछले साल के 0.6% से उछलकर 9.4% पर पहुंच गया है, जो बताता है कि कंपनी KFC और Pizza Hut पर अपनी निर्भरता कम कर रही है।
मर्जर का बड़ा दांव
30 अक्टूबर 2026 को कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) ने Sapphire Foods India के साथ मर्जर को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। यह कदम KFC और Pizza Hut के ऑपरेशंस को एक ही छत के नीचे लाने के लिए उठाया गया है। हालांकि, निवेशकों को डर है कि इतने बड़े मर्जर के साथ आने वाले इंटीग्रेशन रिस्क और चुनौतियां कंपनी पर भारी पड़ सकती हैं।
बाजार का रुख और चुनौतियां
मौजूदा समय में फूड सर्विस सेक्टर में कड़ा मुकाबला है, जिससे प्रोमोशन और डिस्काउंट पर होने वाला खर्च बढ़ा है। इसके अलावा, फूड इन्फ्लेशन और ऊर्जा की बढ़ती कीमतें भी मार्जिन पर असर डाल रही हैं। हालांकि कंपनी ने सेम-स्टोर सेल्स में 4% से 9% की ग्रोथ दिखाई है, लेकिन मार्केट अब यह देख रहा है कि क्या कंपनी इन चुनौतियों के बीच अपने मार्जिन को बरकरार रख पाएगी या नहीं।
