12-13 सितंबर 2026 को होने वाले BRICS समिट के चलते दिल्ली के लग्जरी होटल्स में भारी भीड़ है। रूम रेंट रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गए हैं और लगभग सभी बड़े होटल्स फुल हो चुके हैं, जो हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के लिए एक बड़ा इवेंट बना है।
भारी डिमांड से बढ़े दाम
दिल्ली के भारत मंडपम में होने वाले 18वें BRICS समिट के कारण होटल्स में कमरों की भारी किल्लत हो गई है। Taj Mahal, The Oberoi, Taj Palace और The Leela Palace जैसे बड़े होटल्स लगभग पूरी तरह बुक हो चुके हैं। हालात यह हैं कि कुछ प्रीमियम सूट्स का किराया ₹2.3 लाख से ₹2.5 लाख प्रति रात तक पहुंच गया है। इस उछाल के पीछे अंतरराष्ट्रीय डेलीगेट्स और 500 से ज्यादा संस्थागत निवेशकों (Institutional Investors) का आना मुख्य कारण है।
हॉस्पिटैलिटी सेक्टर पर असर
इस इवेंट से IHCL, EIH (The Oberoi Group) और ITC जैसी कंपनियों के एवरेज रूम रेट्स (ARR) में शॉर्ट टर्म उछाल दिख रहा है। हालांकि, निवेशकों को यह समझना चाहिए कि यह रेवेन्यू स्पाइक इवेंट-आधारित है, जो कि हमेशा के लिए नहीं होता।
स्ट्रक्चरल समस्या और क्षमता की कमी
भारत में अभी लगभग 200,000 से 220,000 ब्रांडेड होटल रूम्स ही उपलब्ध हैं, जो ग्लोबल इवेंट्स के लिए कम पड़ रहे हैं। MICE (मीटिंग्स, इंसेंटिव्स, कॉन्फ्रेंस और एग्जीबिशन) हब बनने के सपने को पूरा करने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े निवेश की जरूरत है। निवेशकों के लिए अब यह देखना जरूरी होगा कि कंपनियां केवल इस तरह के इवेंट्स पर निर्भर हैं या वे लॉन्ग-टर्म कैपेसिटी बढ़ाने में कितना खर्च कर रही हैं। भविष्य में कंपनियों के परफॉर्मेंस को RevPAR और नॉन-पीक सीजन की ऑक्यूपेंसी के आधार पर तौलना बेहतर होगा।
