Delhi High Court ने FSSAI के निर्देश पर रोक लगाते हुए Reliance Consumer Products को अपने Campa बेवरेजेस पर 'एनर्जी ड्रिंक' लेबल का इस्तेमाल जारी रखने की अनुमति दी है। इस अंतरिम राहत से कंपनी को तत्काल इन्वेंटरी नुकसान से बड़ी राहत मिली है।
राहत का आधार और कानूनी पेंच
Delhi High Court ने FSSAI के 30 जून के उस आदेश पर फिलहाल रोक लगा दी है, जिसके तहत हाई-कैफीन वाले ड्रिंक्स पर 'एनर्जी ड्रिंक' लेबल लगाने से रोका गया था। कोर्ट ने यह राहत 5 नवंबर, 2026 तक की अगली सुनवाई तक दी है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने FSSAI की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि बिना किसी पूर्व नोटिस या परामर्श के इस तरह का बैन लगाना उचित नहीं है।
Reliance के लिए क्यों है यह जरूरी?
Reliance के लिए यह जीत बहुत बड़ी है क्योंकि कंपनी को एक बड़े व्यावसायिक जोखिम का सामना करना पड़ रहा था। कोर्ट में दी गई जानकारी के अनुसार, यदि आदेश लागू हो जाता तो कंपनी को करीब 16.8 करोड़ केन और 12 करोड़ प्लास्टिक बोतलों की री-लेबलिंग करनी पड़ती। इसके अलावा, कंपनी के पास करीब 76 करोड़ यूनिट्स के लिए पहले से प्रिंटेड पैकेजिंग तैयार पड़ी है। यदि लेबलिंग बदलनी पड़ती, तो कंपनी की सप्लाई चेन पूरी तरह बाधित हो जाती और भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता।
पूरे इंडस्ट्री पर नजर
यह कानूनी जंग सिर्फ Reliance तक सीमित नहीं है। भारतीय बेवरेज मार्केट में PepsiCo, Monster Beverage और Red Bull जैसी बड़ी कंपनियां भी हाई-कैफीन स्टैंडर्ड्स को लेकर रेगुलेटरी जांच के घेरे में हैं। इस सेक्टर में अब नियमों का दायरा सख्त हो रहा है, जिसका सीधा असर भविष्य में पैकेजिंग, मार्केटिंग और प्रोडक्ट फॉर्मूलेशन पर पड़ सकता है। निवेशकों की नजर अब 5 नवंबर की अगली सुनवाई पर टिकी है, जिससे यह साफ होगा कि क्या FSSAI अपने आदेश पर स्पष्टीकरण देता है या कोर्ट कोई स्थायी समाधान निकालता है।
