DeHaat Consumer Products: ₹35 करोड़ की प्री-सीरीज A फंडिंग, Honest Farms का बढ़ेगा रिटेल फुटप्रिंट

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
DeHaat Consumer Products: ₹35 करोड़ की प्री-सीरीज A फंडिंग, Honest Farms का बढ़ेगा रिटेल फुटप्रिंट

एग्रीटेक कंपनी DeHaat के कंज्यूमर ब्रांड Honest Farms ने ₹35 करोड़ की प्री-सीरीज A फंडिंग जुटाई है। इस राउंड की अगुवाई OTP Ventures ने की है। इस पैसे का इस्तेमाल कंपनी अपने रिटेल स्टोर को 10,000 तक पहुंचाने और नए प्रोडक्ट्स बनाने में करेगी।

DeHaat Consumer Products, जो कंज्यूमर ब्रांड Honest Farms को चलाता है, ने एक प्री-सीरीज A फंडिंग राउंड में ₹35 करोड़ जुटाए हैं। इस फंडिंग राउंड में OTP Ventures ने लीड किया, जबकि Sadev Capital और Maiuni Ventures ने भी इसमें हिस्सा लिया। यह फंडिंग पैरेंट एग्रीटेक कंपनी DeHaat के लिए एक बड़ा रणनीतिक कदम है, क्योंकि यह अपने कंज्यूमर फूड बिजनेस को एक अलग और स्वतंत्र कंपनी के रूप में स्थापित कर रही है।

नेतृत्व और बिजनेस रणनीति

इस विस्तार का नेतृत्व करने के लिए, कंपनी ने DeHaat के सह-संस्थापक Adarsh J Srivastava को DeHaat Consumer Products का CEO नियुक्त किया है। यह नेतृत्व परिवर्तन कंज्यूमर-फेसिंग ब्रांड को पैरेंट कंपनी के मुख्य B2B एग्रीटेक ऑपरेशंस से अलग करने पर स्पष्ट फोकस का संकेत देता है। एक अलग इकाई के रूप में काम करके, ब्रांड रिटेल वितरण और कंज्यूमर एंगेजमेंट पर बेहतर ध्यान केंद्रित करने का लक्ष्य रखता है, जिसके लिए उसके पैरेंट के किसान-केंद्रित नेटवर्क की तुलना में एक अलग ऑपरेशनल अप्रोच की आवश्यकता होती है।

Honest Farms प्रोडक्ट की ट्रेसिबिलिटी (traceability) और पेस्टिसाइड-फ्री (pesticide-free) क्वालिटी पर जोर देकर खुद को अलग करता है। कंपनी का दावा है कि उसके उत्पाद 230 से अधिक क्वालिटी चेक से गुजरते हैं। ब्रांड वर्तमान में 100 से अधिक प्रोडक्ट्स की पेशकश करता है, जिनमें स्टेपल्स (staples) और सुपरफूड्स (superfoods) शामिल हैं, जो 120 शहरों के 3,000 रिटेल स्टोर्स में बेचे जाते हैं।

ग्रोथ टारगेट और मार्केट का संदर्भ

नए जुटाए गए फंड का इस्तेमाल कंपनी के रिटेल फुटप्रिंट को बढ़ाने के लिए किया जाएगा। ब्रांड ने अगले 12 से 18 महीनों के भीतर 10,000 से अधिक रिटेल स्टोर्स तक पहुंचने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। इस विस्तार के साथ, कंपनी का लक्ष्य समान समय-सीमा में ₹200 करोड़ का सालाना आवर्ती राजस्व (annual recurring revenue) हासिल करना है।

निवेशकों और बाजार पर्यवेक्षकों के लिए, मुख्य फोकस इस बात पर होगा कि क्या कंपनी तेजी से विस्तार करते हुए यूनिट इकोनॉमिक्स (unit economics) को बनाए रख सकती है। क्लीन-लेबल (clean-label) और पेस्टिसाइड-फ्री फूड सेगमेंट में प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है, जिसमें Safe Harvest जैसे मौजूदा खिलाड़ी भी बाजार हिस्सेदारी के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। D2C (डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर) और रिटेल स्पेस में सफल होने के लिए मजबूत लॉजिस्टिक्स और डिस्ट्रीब्यूशन मैनेजमेंट की आवश्यकता होती है, जो पैरेंट कंपनी के होलसेल एग्रीटेक मॉडल की तुलना में ऑपरेशनल कॉम्प्लेक्सिटी (operational complexity) को बढ़ाता है।

चूंकि DeHaat एक प्राइवेट कंपनी है, इन विकासों का NSE या BSE जैसे किसी भी पब्लिक स्टॉक एक्सचेंज पर कोई सीधा असर नहीं पड़ता है। व्यवसाय के लिए अगले महत्वपूर्ण मील के पत्थर रिटेल स्टोर के लक्ष्यों का सफल निष्पादन और वितरण नेटवर्क का विस्तार करते हुए लगातार उत्पाद की गुणवत्ता बनाए रखने की क्षमता होगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.