डायमंड मार्केट की दिग्गज कंपनी De Beers Forevermark ने भारत में अपने कारोबार को तेजी से बढ़ाने का प्लान बनाया है। कंपनी 2030 तक 100 स्टोर्स खोलने और 2031 तक ₹1,000 करोड़ का रेवेन्यू हासिल करने की तैयारी कर रही है।
आक्रामक विस्तार की रणनीति
De Beers Forevermark ने भारत के रिटेल मार्केट में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए एक बड़ा रोडमैप तैयार किया है। कंपनी ने 2026 के अंत तक ₹100 करोड़ का रेवेन्यू लक्ष्य रखा है और 2031 तक इसे ₹1,000 करोड़ तक पहुंचाने का इरादा है। फिलहाल, कंपनी भारत के प्रमुख शहरों में अपने फुटप्रिंट तेजी से बढ़ा रही है और अब तक एक दर्जन से अधिक स्टोर खोल चुकी है।
Gen Z और नेचुरल डायमंड्स का क्रेज
कंपनी का मानना है कि भारत में नेचुरल डायमंड ज्वेलरी का मार्केट 13.5% की दर से बढ़ रहा है, जो कि ओवरऑल ज्वेलरी सेक्टर की 10.5% की ग्रोथ से कहीं ज्यादा है। अपनी बिक्री को रफ्तार देने के लिए ब्रांड अब खास तौर पर Gen Z ग्राहकों को टारगेट कर रहा है, जो डायमंड ज्वेलरी की खरीद में सबसे आगे निकल रहे हैं। साथ ही, कंपनी का Omnichannel मॉडल भी सफल हो रहा है, जहां करीब 50% ग्राहक स्टोर पर आने से पहले ऑनलाइन ब्रांड के साथ जुड़ते हैं।
क्या है निवेश के लिए संकेत?
De Beers India एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी है, इसलिए यह शेयर बाजार (NSE/BSE) पर लिस्टेड नहीं है। लेकिन इसका आक्रामक विस्तार लिस्टेड कंपनियों जैसे Titan Company और Kalyan Jewellers के लिए सीधा मुकाबला पैदा कर सकता है।
सामने हैं बड़ी चुनौतियां
कंपनी के लिए राह आसान नहीं है। सबसे बड़ा खतरा 'लैब-ग्रोन डायमंड्स' (Lab-grown diamonds) से है, जो नेचुरल पत्थरों की तुलना में बेहद सस्ते हैं और मार्केट मार्जिन पर दबाव डाल रहे हैं। इसके अलावा, ग्लोबल मार्केट में डायमंड की घटती मांग और इन्वेंट्री का बोझ भी एक चुनौती बना हुआ है। अब देखना यह होगा कि क्या कंपनी 100 स्टोर्स के लक्ष्य को बिना ज्यादा ऑपरेशनल कॉस्ट बढ़ाए हासिल कर पाती है या नहीं।
