Danone अब भारत में तेजी से विस्तार करने के बजाय 'सस्टेनेबल प्रॉफिटेबिलिटी' पर जोर दे रही है। कंपनी अपना पूरा फोकस Protinex और Aptamil जैसे प्रीमियम न्यूट्रिशन ब्रांड्स पर शिफ्ट कर रही है। ध्यान दें कि Danone इंडिया में लिस्टेड नहीं है।
रणनीति में बड़ा बदलाव
CEO Antoine de Saint-Affrique के नेतृत्व में Danone अब एक नई दिशा में आगे बढ़ रही है। कंपनी ने साल 2018 में भारतीय डेयरी मार्केट से बाहर निकलने और Britannia के साथ पार्टनरशिप खत्म करने के बाद अब अपना पूरा ध्यान हेल्थ और इम्युनिटी-आधारित प्रोडक्ट्स पर लगा दिया है।
प्रमुख ब्रांड्स और टारगेट मार्केट
कंपनी का पूरा पोर्टफोलियो अब Protinex, Aptamil, Farex और Dexolac जैसे प्रीमियम ब्रांड्स के इर्द-गिर्द घूम रहा है। Danone का लक्ष्य उन शहरी ग्राहकों को साधना है जो स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हैं और क्वालिटी के लिए खर्च करने को तैयार हैं। ई-कॉमर्स के बढ़ते क्रेज का फायदा उठाते हुए कंपनी अपनी पहुंच को और मजबूत बना रही है।
निवेशकों के लिए जरूरी जानकारी
भारतीय निवेशकों को यह समझना होगा कि Danone India इसकी फ्रांसीसी मूल कंपनी की एक सब्सिडियरी है और यह सीधे तौर पर भारतीय शेयर बाजारों (NSE या BSE) पर लिस्टेड नहीं है। जो निवेशक इस कंपनी के प्रदर्शन को ट्रैक करना चाहते हैं, वे Euronext Paris पर ट्रेड करने वाले ग्लोबल Danone Group पर नजर रख सकते हैं। ग्लोबल पैरेंट कंपनी का लक्ष्य साल 2026 तक 3% से 5% की ऑर्गेनिक सेल्स ग्रोथ हासिल करना है।
चुनौतियां और भविष्य
हालाँकि कंपनी मुनाफे की राह पर है, लेकिन भारतीय बाजार में कड़ी प्रतिस्पर्धा और इन्फेंट न्यूट्रिशन जैसे संवेदनशील सेगमेंट में सख्त रेगुलेटरी नियमों का सामना करना एक बड़ी चुनौती है। साथ ही, रॉ मटेरियल की बढ़ती महंगाई से मार्जिन पर भी दबाव बना हुआ है। कंपनी का भविष्य इस पर निर्भर करेगा कि वह अपना कर्ज (जो जून 2026 तक €9.0 बिलियन था) नियंत्रित रखते हुए प्रीमियम स्पेस में अपनी पकड़ कैसे मजबूत बनाए रखती है।
