घरेलू बिक्री बनी मुख्य वजह
इस शानदार प्रदर्शन के पीछे मुख्य वजह कंपनी का घरेलू FMCG (Fast-Moving Consumer Goods) कारोबार रहा। इंडिया में कंपनी के ऑपरेशनल प्रॉफिट में 12.5% की जोरदार बढ़ोतरी देखी गई, जबकि रेवेन्यू 9.5% बढ़ा। वॉल्यूम ग्रोथ भी 6% रही। खासकर हेयर केयर सेगमेंट में 27% की तेजी आई, वहीं होम केयर में 24% से ज्यादा का उछाल देखा गया। डाइजेस्टिव प्रोडक्ट्स और स्किन व सैलून बिजनेस में 15% और 12% की ग्रोथ दर्ज की गई। टूथपेस्ट सेगमेंट ने 7% का इजाफा किया, जबकि हाल ही में एक्वायर किए गए बादशाह (Badshah) पोर्टफोलियो ने 12% का योगदान दिया।
इंटरनेशनल मार्केट में मिली-जुली तस्वीर
हालांकि, Dabur के इंटरनेशनल ऑपरेशंस को कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ा, खासकर मिडिल ईस्ट में भू-राजनीतिक तनाव के चलते मांग और फ्रेट कॉस्ट पर असर पड़ा। इन दबावों के बावजूद, सेगमेंट में 2.5% की बढ़ोतरी हुई। यूके और यूरोप में 10%, सब-सहारन अफ्रीका में 20%, और बांग्लादेश में (कांस्टेंट करेंसी पर) 22% की ग्रोथ देखी गई। Namaste US ऑपरेशंस में भी 6.2% की वृद्धि दर्ज की गई।
शेयरधारकों को मिला बड़ा तोहफा
निवेशकों को खुश करते हुए, Dabur के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2026 के लिए ₹5.5 प्रति शेयर का अब तक का सबसे बड़ा फाइनल डिविडेंड घोषित किया है। इससे पहले दिए गए डिविडेंड को मिलाकर, पूरे वित्तीय वर्ष 2026 के लिए कुल डिविडेंड ₹8.25 प्रति शेयर रहा। यह शेयरधारकों को वैल्यू लौटाने की कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
वैल्यूएशन पर है नजर
Dabur India का मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब ₹81,944.50 करोड़ है। कंपनी का Trailing Twelve Months (TTM) प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेश्यो 45-57 के बीच है। यह वैल्यूएशन ITC (P/E 11-19) की तुलना में काफी ज्यादा है, और Hindustan Unilever (P/E 37-52) के बराबर या उससे थोड़ा ऊपर है। भारतीय FMCG सेक्टर ने मजबूती दिखाई है, लेकिन Dabur का P/E अपनी मजबूत डोमेस्टिक परफॉरमेंस और डिविडेंड के बावजूद कुछ साथियों की तुलना में महंगा नजर आता है।
आगे की राह और जोखिम
इन मजबूत नतीजों के बावजूद, कुछ बातों पर ध्यान देना जरूरी है। Dabur एक बेहद कॉम्पिटिटिव FMCG बाजार में काम करती है, जहां मार्केट शेयर और मार्जिन बनाए रखने के लिए लगातार इनोवेशन और मार्केटिंग पर खर्च करना पड़ता है। वहीं, मिडिल ईस्ट में जारी तनाव इंटरनेशनल ऑपरेशंस, कच्चे माल की लागत और सप्लाई चेन के लिए जोखिम पैदा कर सकता है। भविष्य के लिए, कंपनी वॉल्यूम-आधारित रेवेन्यू ग्रोथ पर फोकस करेगी, साथ ही अपने मजबूत डोमेस्टिक ब्रांड पोर्टफोलियो और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क का लाभ उठाएगी।
