तिमाही नतीजों का लेखा-जोखा
Dabur India ने मार्च तिमाही (Q4 FY26) के लिए अपने नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 15% बढ़कर ₹369 करोड़ रहा। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू 7.3% की बढ़त के साथ ₹3,038 करोड़ पर पहुंचा। हालांकि, पिछले तिमाही (Q3 FY26) की तुलना में नेट प्रॉफिट में 34% की गिरावट देखी गई, जिसका मुख्य कारण हेल्थकेयर और फूड्स सेगमेंट में बिक्री का दबाव रहा।
डोमेस्टिक डिमांड बनी सहारा
कंपनी के लिए डोमेस्टिक FMCG बिक्री 9.5% बढ़ी है, जो काफी उत्साहजनक है। खासकर हेयर केयर सेगमेंट में 27%, होम केयर में 24% और डाइजेस्टिव्स में 15% की शानदार ग्रोथ देखी गई। ई-कॉमर्स (+49%) और क्विक कॉमर्स (+54%) जैसे चैनलों पर भी कंपनी ने अच्छी पकड़ बनाई है। ग्रामीण मांग (rural demand) में मजबूती को कंपनी के लिए एक बड़ा सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
ग्लोबल हेडविंड्स और लागत का दबाव
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पश्चिम एशिया में जियोपॉलिटिकल (geopolitical) समस्याएँ सप्लाई चेन (supply chain) और मांग को प्रभावित कर रही हैं। इसके अलावा, पाम ऑयल (palm oil) जैसे प्रमुख इनपुट्स की बढ़ती कीमतें और कच्चे तेल डेरिवेटिव्स (crude derivatives) व पैकेजिंग में लागत बढ़ने से मार्जिन्स पर दबाव का अनुमान है। इन वैश्विक चुनौतियों के चलते Nifty FMCG इंडेक्स में मार्च से लगभग 10% की गिरावट आई है।
ब्रोकरेज की राय और वैल्यूएशन
Global brokerage firm Prabhudas Lilladher ने Dabur India पर 'Hold' रेटिंग के साथ ₹491 का टारगेट प्राइस बरकरार रखा है। विश्लेषकों का कहना है कि कंपनी के शेयर में अभी ज्यादा तेजी की गुंजाइश सीमित है। Dabur का P/E रेश्यो लगभग 45.22x है, जो Godrej Consumer Products (लगभग 60.19x) और Marico (लगभग 59.57x) जैसे पियर्स से कम है, लेकिन Hindustan Unilever (लगभग 33.6x) से अधिक है। Citi ने 'Sell' रेटिंग और ₹470 का टारगेट दिया है, जबकि Morgan Stanley ने 'Underweight' रेटिंग के साथ ₹400 का टारगेट तय किया है।
Dabur India पिछले साल स्टॉक में 15% की गिरावट का सामना कर चुकी है, और विश्लेषक कंपनी की ग्रोथ रेट को बनाए रखने की क्षमता और एग्जीक्यूशन (execution) को लेकर कुछ चिंतित हैं। हालांकि, कंपनी का मैनेजमेंट लागत कम करने और मूल्य निर्धारण रणनीतियों (pricing strategies) के माध्यम से मार्जिन में सुधार और वॉल्यूम-आधारित राजस्व वृद्धि की उम्मीद कर रहा है।
