Nuvama Institutional Equities ने Dabur India पर अपना भरोसा जताया है और स्टॉक के लिए 'Buy' रेटिंग को बरकरार रखते हुए टारगेट प्राइस ₹605 तय किया है। यह टारगेट मौजूदा भाव से करीब 17% की तेजी का संकेत देता है। Nuvama का मानना है कि कंपनी अपने सेगमेंट्स (categories) में रिकवरी और मार्जिन में सुधार के दम पर अच्छा प्रदर्शन कर सकती है।
लेकिन, यह उम्मीद विश्लेषकों के बड़े वर्ग की राय से मेल नहीं खाती। ज्यादातर विश्लेषक Dabur India पर 'Hold' की सलाह दे रहे हैं और उनका औसत 12 महीने का टारगेट प्राइस ₹546.68 है, जो कि Nuvama के टारगेट से काफी कम है। यह दिखाता है कि बाजार में Dabur India की ग्रोथ स्ट्रैटेजी को लेकर एक तरह का 'वैल्यूएशन पैराडॉक्स' (valuation paradox) बना हुआ है।
कहां है वैल्यूएशन का अंतर?
Nuvama का ₹605 का टारगेट प्राइस यह उम्मीद करता है कि Dabur India भविष्य में लगातार ग्रोथ और मार्जिन में सुधार जारी रखेगी। कंपनी का मैनेजमेंट FY27 तक हाई-सिंगल से लो-डबल-डिजिट रेवेन्यू ग्रोथ का लक्ष्य लेकर चल रहा है, जिसमें 2% का प्राइस हाइक और डिजिटल-फर्स्ट बिजनेस के लिए ₹500 करोड़ का निवेश (Dabur Ventures) शामिल है।
इसके विपरीत, 37 विश्लेषकों के एक सर्वे में 15 ने 'Buy', 15 ने 'Hold' और छह ने 'Sell' की रेटिंग दी है। यह मिली-जुली राय दिखाता है कि Dabur India का शेयर अभी ₹501.15 के आस-पास ट्रेड कर रहा है, और पिछले 12 महीनों में इसने करीब -0.2% का मामूली नकारात्मक रिटर्न दिया है। यह दिखाता है कि बाजार अभी Nuvama की उम्मीदों वाली रिकवरी को पूरी तरह से फैक्टर-इन नहीं कर पा रहा है।
पीयर्स (Peers) और सेक्टर का क्या है हाल?
Dabur India का मौजूदा फॉरवर्ड P/E रेश्यो करीब 49-50x है, जो इसे कुछ बड़े FMCG साथियों की तुलना में आकर्षक बनाता है। Hindustan Unilever (HUL) का P/E 52-59x, Nestle India का 73-85x, Britannia Industries का ~67.5x और Godrej Consumer Products का ~66.5x है। इससे लगता है कि Dabur अन्य ग्रोथ-ओरिएंटेड कंपनियों की तुलना में एक बेहतर एंट्री पॉइंट ऑफर कर रहा है।
भारतीय FMCG सेक्टर के लिए 2026 का अनुमान काफी सकारात्मक है। कमोडिटी की कीमतों में स्थिरता, घटती महंगाई और टैक्स रिफॉर्म्स जैसी सरकारी नीतियों से वॉल्यूम ग्रोथ में अच्छी तेजी की उम्मीद है। यह माहौल Dabur जैसी कंपनियों के लिए मददगार हो सकता है।
कंपनी के नतीजे और चिंताएं
हालांकि, Dabur India के हालिया नतीजे थोड़ी चिंता वाली तस्वीर दिखाते हैं। Q4 FY25 में कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल के मुकाबले 8.4% गिर गया और रेवेन्यू में कोई खास ग्रोथ नहीं देखी गई। इसके पीछे घरेलू मांग का कमजोर होना और EBITDA मार्जिन में गिरावट को मुख्य कारण बताया गया है। ओरल केयर और हेयर केयर जैसे सेगमेंट्स में भी गिरावट दर्ज की गई है।
Nuvama की 'Buy' रेटिंग और ₹605 के टारगेट के बावजूद, Dabur India के सामने कई चुनौतियां हैं। विश्लेषकों की राय में बड़ा अंतर (करीब 17.1% 'Sell' रेटिंग) निवेशकों के संदेह को दिखाता है। शहरी मांग को फिर से जगाना और प्रतिस्पर्धा के बीच मार्जिन को बचाए रखना कंपनी के लिए एक बड़ी चुनौती होगी। Dabur Ventures में ₹500 करोड़ का निवेश कितना सफल होता है, यह देखना बाकी है।
भविष्य की राह
मैनेजमेंट ने FY27 तक रेवेन्यू ग्रोथ को हाई-सिंगल से लो-डबल-डिजिट में लाने और Dabur Ventures को बड़ा करने का लक्ष्य रखा है। उम्मीद है कि FY27 में मार्जिन FY26 की तुलना में बेहतर होंगे। लेकिन, Dabur India को यह साबित करना होगा कि वह अपनी ग्रोथ स्ट्रैटेजी को सफलतापूर्वक लागू कर सकता है और बाजार की चुनौतियों का सामना कर सकता है, तभी Nuvama का बड़ा टारगेट हासिल हो पाएगा।