Pernod Ricard और Diageo पर DRI का शिकंजा, स्कॉच इम्पोर्ट ड्यूटी को लेकर जांच शुरू

CONSUMER-PRODUCTS
Whalesbook Logo
AuthorNeha Patil|Published at:
Pernod Ricard और Diageo पर DRI का शिकंजा, स्कॉच इम्पोर्ट ड्यूटी को लेकर जांच शुरू

भारतीय टैक्स अथॉरिटीज ने शराब कंपनियों Pernod Ricard और Diageo की जांच शुरू की है। मामला बल्क स्कॉच व्हिस्की पर इम्पोर्ट ड्यूटी में छूट का लाभ गलत तरीके से लेने से जुड़ा है, जिससे इन कंपनियों पर भारी टैक्स डिमांड का खतरा मंडरा रहा है।

ड्यूटी में गड़बड़ी की आशंका

Directorate of Revenue Intelligence (DRI) इस बात की गहन जांच कर रही है कि क्या इन कंपनियों ने बल्क स्कॉच व्हिस्की के आयात पर सरकारी नियमों का उल्लंघन किया है। हाल ही में ट्रेड पॉलिसी में हुए बदलावों के तहत स्कॉच पर इम्पोर्ट ड्यूटी को 150% से घटाकर 75% कर दिया गया था। अब जांच इस बात पर केंद्रित है कि क्या बल्क कॉन्संट्रेट्स वास्तव में इस कम ड्यूटी दर के हकदार थे, या इसे गलत तरीके से लागू किया गया।

बाजार पर असर

भारत के लिकर मार्केट में Pernod Ricard और Diageo (जो भारत में United Spirits के जरिए काम करती है) का बड़ा दबदबा है। ड्यूटी में कटौती के बाद कंपनियों ने कीमतों में 10% से 15% तक की राहत ग्राहकों को दी थी, जिसका असर महाराष्ट्र, गोवा और राजस्थान जैसे बाजारों में देखा गया। यदि अथॉरिटीज इस दांव को गलत मानती हैं, तो इन कंपनियों को बड़ा बैक-टैक्स चुकाना पड़ सकता है, जिससे उनके मार्जिन पर सीधा असर पड़ेगा।

कंपनियों का रुख और निवेशकों के लिए चिंता

फिलहाल दोनों कंपनियों के कंप्लायंस ऑफिसर्स ने DRI के साथ पूरा सहयोग करने की बात कही है। दफ्तरों में छापेमारी के जरिए दस्तावेजों की जांच की जा रही है। Pernod Ricard के लिए भारत में यह कोई पहली बार नहीं है जब वह रेगुलेटरी विवादों में घिरी हो, लेकिन निवेशकों के लिए यह स्थिति सतर्क रहने का संकेत है। भारतीय शराब बाजार में बदलती एक्साइज पॉलिसी और टैक्स जांच अक्सर शेयरों में वोलेटिलिटी (volatility) पैदा करती हैं, इसलिए अब बाजार की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या कंपनियां अपनी टैक्स क्लेम को सही साबित कर पाएंगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.