रत्लाम स्थित ज्वेलरी रिटेलर DP Abhushan ने अपने विस्तार का बड़ा रोडमैप पेश किया है। कंपनी फाइनेंशियल ईयर 2030 तक 51 स्टोर्स के साथ ₹15,000 करोड़ का एनुअल रेवेन्यू हासिल करने की तैयारी में है।
विस्तार की नई रणनीति\n\nDP Abhushan अब अपने कारोबार को बड़े पैमाने पर फैलाने की तैयारी में है। कंपनी ने ऐलान किया है कि फाइनेंशियल ईयर 2030 के अंत तक वह अपने स्टोर्स की संख्या को बढ़ाकर 51 तक ले जाएगी। इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य के तहत कंपनी का सालाना रेवेन्यू ₹15,000 करोड़ तक पहुंचाने का इरादा है।\n\n### फ्रैंचाइजी मॉडल पर दांव\n\nकंपनी अब तक मुख्य रूप से अपने खुद के स्टोर्स चला रही थी, लेकिन अब प्रमोटर विकास कटारिया ने संकेत दिया है कि भविष्य में विस्तार के लिए 'फ्रैंचाइजी' और 'FOCO' (फ्रैंचाइजी-ओन्ड, कंपनी-ऑपरेटेड) मॉडल अपनाया जाएगा। इससे नागपुर, नासिक और वडोदरा जैसे नए शहरी बाजारों में तेजी से पैठ बनाने में मदद मिलेगी। कंपनी की नजरें मध्य प्रदेश और राजस्थान के अलावा महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और गुजरात जैसे राज्यों पर टिकी हैं।\n\n### कर्ज और बैलेंस शीट पर फोकस\n\nइस बड़े विस्तार के लिए कंपनी ने ₹50 करोड़ के कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) का बजट रखा है, जिसे आंतरिक कमाई से पूरा किया जाएगा। फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में कंपनी का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट ₹64.45 करोड़ रहा है। हालांकि कंपनी आक्रामक विस्तार की राह पर है, लेकिन उनका मुख्य ध्यान फिलहाल अपने ₹180 करोड़ के कुल कर्ज को कम करने पर भी है।\n\n### निवेशकों के लिए चेतावनी और रिस्क\n\nनिवेशकों को यह ध्यान में रखना चाहिए कि फ्रैंचाइजी मॉडल में ब्रांड की क्वालिटी को बरकरार रखना एक बड़ी चुनौती होती है। इसके अलावा, ज्वेलरी सेक्टर में सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव और बदलती कंज्यूमर डिमांड का सीधा असर मुनाफे के मार्जिन पर पड़ता है। साथ ही, नेशनल ज्वेलरी चेन और अन्य रीजनल खिलाड़ियों से मिलने वाली कड़ी प्रतिस्पर्धा भी एक बड़ा फैक्टर है।