DOMS Industries ने जून तिमाही में **22%** की गिरावट के साथ **₹44.4 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जबकि रेवेन्यू **19%** बढ़ा है। स्कूल और ऑफिस स्टेशनरी की मांग मजबूत बनी हुई है, लेकिन कच्चे माल और कर्मचारियों की बढ़ती लागतों ने मुनाफे पर दबाव डाला है। कंपनी अभी मार्केट शेयर बढ़ाने पर ध्यान दे रही है और उसने हाल ही में रेनॉल्ड्स ब्रांड का अधिग्रहण पूरा किया है।
घाटे की वजहें और कंपनी की रणनीति
DOMS Industries ने 19.3% का दमदार रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज करते हुए, चालू वित्त वर्ष की जून तिमाही में ₹670.5 करोड़ का आंकड़ा छुआ। हालांकि, शुद्ध मुनाफे (Net Profit) में 22.4% की भारी गिरावट आई और यह ₹44.4 करोड़ पर आ गया। यह स्थिति कंपनी के लिए एक बड़ी चुनौती पेश कर रही है, क्योंकि उसे बढ़ती लागतों के बीच अपने ग्रोथ की रफ्तार बनाए रखनी है।
मार्जिन पर क्यों पड़ा दबाव?
मुनाफे में गिरावट की मुख्य वजह ऑपरेटिंग मार्जिन में आई भारी कमी है। कंपनी की EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमोर्टाइजेशन से पहले की कमाई) 16.3% घटकर ₹82.6 करोड़ रह गई। नतीजतन, EBITDA मार्जिन पिछले साल के 17.6% से गिरकर 12.3% पर आ गया। मैनेजमेंट का कहना है कि कागज, प्लास्टिक और ग्रेफाइट जैसे प्रमुख कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी, साथ ही कर्मचारी वेतन और हालिया कैपिटल इन्वेस्टमेंट के बाद डेप्रिसिएशन खर्च बढ़ने से यह दबाव बढ़ा है।
विस्तार और अधिग्रहण पर फोकस
कंपनी शॉर्ट-टर्म मुनाफे के बजाय वॉल्यूम ग्रोथ और मार्केट शेयर बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। इस रणनीति के तहत, DOMS ने नए मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के लिए कर्मचारियों की भर्ती और ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट के लिए फंड की व्यवस्था की है। इसके अलावा, कंपनी ने हाल ही में रेनॉल्ड्स पेंस इंडिया (Reynolds Pens India) के एसेट्स का अधिग्रहण लगभग ₹35 करोड़ में पूरा किया है, जो 1 जुलाई 2026 से प्रभावी है। इस अधिग्रहण से कंपनी को राइटिंग इंस्ट्रूमेंट्स सेगमेंट में अपनी पैठ मजबूत करने में मदद मिलेगी। रेनॉल्ड्स को एक अलग ब्रांड के तौर पर चलाया जाएगा।
भविष्य की योजनाएं
DOMS एक 50 एकड़ के ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट के जरिए अपनी प्रोडक्शन कैपेसिटी बढ़ा रही है। इस प्रोजेक्ट का पहला चरण वित्तीय वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही के अंत तक शुरू होने की उम्मीद है। इसका मकसद सप्लाई चेन पर बेहतर नियंत्रण हासिल करना और थर्ड-पार्टी मैन्युफैक्चरिंग पर निर्भरता कम करना है। निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि बढ़ी हुई क्षमता से कंपनी मार्जिन को स्थिर करने में कितनी कामयाब होती है और नए रेनॉल्ड्स प्रोडक्ट लाइन को अपने मौजूदा डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क में कैसे एकीकृत करती है।
