DMart Share Price: नई स्ट्रैटेजी ने मचाई धूम! 30% भागा शेयर, खुलेंगे रिकॉर्ड स्टोर

CONSUMER-PRODUCTS
Whalesbook Logo
AuthorNeha Patil|Published at:
DMart Share Price: नई स्ट्रैटेजी ने मचाई धूम! 30% भागा शेयर, खुलेंगे रिकॉर्ड स्टोर
Overview

Avenue Supermarts (DMart) ने अपने बिजनेस मॉडल में एक बड़ा और अहम बदलाव किया है। कंपनी अब नए स्टोर खोलने के लिए प्रॉपर्टी खरीदने के बजाय उन्हें लीज़ पर लेगी। इस नई स्ट्रैटेजी ने रफ्तार पकड़ी है, जिससे कंपनी ने Q4 FY26 में रिकॉर्ड **58** स्टोर्स खोले और शेयर में हाल के निचले स्तरों से लगभग **30%** की जोरदार तेजी आई है।

Instant Stock Alerts on WhatsApp

Used by 10,000+ active investors

1

Add Stocks

Select the stocks you want to track in real time.

2

Get Alerts on WhatsApp

Receive instant updates directly to WhatsApp.

  • Quarterly Results
  • Concall Announcements
  • New Orders & Big Deals
  • Capex Announcements
  • Bulk Deals
  • And much more

DMart की नई राह: लीज़िंग मॉडल और स्टोर एक्सपेंशन का कमाल

DMart की प्रॉपर्टी खरीदने से लीज़ पर लेने की स्ट्रैटेजी अब साफ रंग ला रही है। कंपनी के शेयर 21 अप्रैल, 2026 तक ₹4,587 के स्तर पर पहुंच गए, जो कि मार्च के निचले स्तर ₹3,528.65 से लगभग 30% की बड़ी रिकवरी है। यह जबरदस्त उछाल Q4 FY26 में कंपनी द्वारा रिकॉर्ड 58 नए स्टोर्स खोलने से जुड़ी है। पूरे फाइनेंशियल ईयर 26 (FY26) में कंपनी ने कुल करीब 85 नए स्टोर्स खोले, जो उसके सामान्य 40-50 स्टोर्स प्रति वर्ष के मुकाबले काफी ज्यादा है।

क्यों अपनाया लीज़िंग का रास्ता?

भारत का रिटेल सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है, जिसके 2034 तक $3,505.4 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है। इस बढ़ते बाजार और Reliance Retail, Tata Trent जैसे दिग्गजों से कड़ी कॉम्पिटिशन के बीच, DMart को तेजी से अपनी मौजूदगी बढ़ानी थी। Blinkit, Swiggy Instamart और Zepto जैसी क्विक कॉमर्स सर्विसेज ने भी ग्राहकों की उम्मीदों को बदला है।

लीज़िंग मॉडल DMart को तेजी से स्टोर खोलने की आजादी देता है, जिससे वह ग्रोथ के अवसरों का तुरंत फायदा उठा सके। प्रॉपर्टी खरीदने की लंबी प्रक्रिया में फंसे बिना, कंपनी अपनी कैपिटल एफिशिएंसी (पूंजी कुशलता) बढ़ा सकती है और बैलेंस शीट पर बोझ डाले बिना एक्सपेंशन कर सकती है। इस बड़े स्ट्रैटेजिक बदलाव के पीछे 1 फरवरी, 2026 को CEO बने Anshul Asawa का नेतृत्व अहम माना जा रहा है, जिन्होंने Neville Noronha की जगह ली है।

मार्जिन पर दबाव और भविष्य की चुनौतियां

हालांकि, इस नई स्ट्रैटेजी में कुछ रिस्क भी हैं। लीज़िंग से रेंट कॉस्ट बढ़ सकती है, जो EBITDA मार्जिन पर दबाव डाल सकती है। DMart के मार्जिन, जो FY25 में 8.5% से 9.2% थे, Q2 FY26 में घटकर 7.3% पर आ गए थे। प्रॉपर्टी खरीदने के बजाय लीज़िंग से ऑपरेशनल अनिश्चितता भी थोड़ी बढ़ सकती है। साथ ही, अल्ट्रा-फास्ट डिलीवरी सेवाओं से मुकाबला करना, खासकर शहरों में, एक बड़ी चुनौती बनी रहेगी।

एनालिस्ट्स का क्या है कहना?

एनालिस्ट्स (Analysts) ने DMart के इस कदम को सराहा है। JM Financial और Motilal Oswal जैसी ब्रोकरेज फर्मों का मानना है कि स्टोर्स के तेजी से खुलने से कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ 10-12% से बढ़कर 18-20% तक पहुंच सकती है। Bank of America ने अपनी रेटिंग 'Neutral' की है, वहीं CLSA ने 'Outperform' रेटिंग बरकरार रखी है। एनालिस्ट्स का औसत प्राइस टारगेट अगले 12 महीनों के लिए ₹4,500 से ₹5,200 के बीच है, जो यह दर्शाता है कि अगर यह स्ट्रैटेजी सफल रही तो शेयर में और भी तेजी देखने को मिल सकती है।

Get stock alerts instantly on WhatsApp

Quarterly results, bulk deals, concall updates and major announcements delivered in real time.

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.