कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले 18.9% बढ़कर ₹17,683.9 करोड़ पर पहुँच गया। वहीं, EBITDA मार्जिन सुधरकर 6.85% हो गया, जो पिछले साल 6.42% था। यह मार्जिन उम्मीदों से बेहतर रहा। कंपनी की मौजूदा स्टोर्स में सेल्स में 10.8% की बढ़ोतरी हुई, जो पिछले दो सालों में सबसे अधिक है, जो DMart के मौजूदा स्टोर्स की मांग में मजबूती का संकेत देती है।
हालांकि, इस तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹656.6 करोड़ रहा, जो पिछले साल से 19.2% ज्यादा है, लेकिन यह मार्केट के ₹680 करोड़ के अनुमान से कम था। इस मुनाफे की चूक के चलते निवेशकों में थोड़ी नरमी दिखी और शेयर में 3% से अधिक की गिरावट आई। शेयर ₹4,434.3 के आसपास कारोबार कर रहा था, हालांकि यह पिछले एक साल में लगभग 10.4% बढ़ा है, जबकि Nifty 50 में कोई खास हलचल नहीं दिखी। फाइनेंशियल ईयर 2026 में DMart ने 500 स्टोर का आंकड़ा भी पार किया।
DMart ऐसे कॉम्पिटिटिव रिटेल मार्केट में काम करता है जहाँ Reliance Retail ने Q4 FY26 में ₹87,344 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया, जबकि Tata Consumer Products और V-Mart, Trent जैसी कंपनियों ने भी स्टोर एक्सपेंशन और समान-स्टोर बिक्री में बढ़ोतरी के दम पर अच्छी ग्रोथ दिखाई है।
कंपनी का वैल्यूएशन, खासकर उसका 100x के आसपास रहने वाला P/E रेश्यो, विश्लेषकों के लिए एक बड़ी चिंता बना हुआ है। Emkay Global Financial Services जैसी फर्म्स ने धीमी मार्केट एक्सपेंशन और बढ़ते कॉम्पिटिशन को देखते हुए ₹3,700 के टारगेट प्राइस के साथ 'Sell' रेटिंग बरकरार रखी है। साथ ही, बढ़ती लागतें और FMCG सेक्टर में कड़ी प्रतिस्पर्धा के चलते फाइनेंशियल ईयर 27 में प्रॉफिट आफ्टर टैक्स ग्रोथ 16% तक सीमित रह सकती है, भले ही रेवेन्यू बढ़ रहा हो। मैनेजमेंट का यह भी कहना है कि कंज्यूमर बिहेवियर अस्थिर है और मार्च 2026 में भू-राजनीतिक तनावों के कारण आई अस्थायी खरीद में बढ़ोतरी अब सामान्य हो गई है, जिससे LFL ग्रोथ पर बाहरी कारकों का असर पड़ सकता है।
ऐतिहासिक रूप से देखें तो, Q4 FY25 में DMart का नेट प्रॉफिट 2.2% गिरकर ₹551 करोड़ पर आ गया था, जबकि रेवेन्यू में लगभग 17% की बढ़ोतरी हुई थी। तब भी ऑपरेटिंग मार्जिन में कमी आई थी और मैनेजमेंट ने बढ़ी हुई ऑपरेशनल लागतों पर चिंता जताई थी।
आगे के लिए, विश्लेषकों की राय बंटी हुई है। Morgan Stanley और Motilal Oswal जैसी फर्म्स कंपनी के लगातार स्टोर खोलने और बिजनेस फंडामेंटल्स को देखते हुए पॉजिटिव बने हुए हैं। वहीं, Hitesh Shah को फार्मेसी और फूड सर्विसेज के लिए चीफ बिजनेस ऑफिसर नियुक्त किया गया है, और उनके नेतृत्व में रणनीतिक अमल पर नजरें रहेंगी। बदलती रिटेल डायनामिक्स और अपनी ऊंची वैल्यूएशन के बीच ग्रोथ बनाए रखना निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण होगा।
