नए स्टोर्स से टॉप-लाइन में उछाल
कंपनी ने नए स्टोर्स खोलकर टॉप-लाइन ग्रोथ (Top-line growth) को रफ्तार दी है। इस तिमाही में 58 नए स्टोर खोले गए, जिससे कुल स्टोर्स की संख्या 500 हो गई। पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) में 85 नए लोकेशन जोड़े गए, जो पिछले साल (FY25) के 50 स्टोर्स से काफी ज्यादा है। खास बात यह है कि नए स्टोर्स में 70% टियर-II और टियर-III शहरों में खोले गए हैं, जहाँ ऑनलाइन कॉम्पिटिशन (Online competition) कम है।
मार्जिन पर लगातार दबाव
हालांकि, कंपनी के मार्जिन पर लगातार दबाव बना हुआ है। बढ़ती ऑपरेटिंग कॉस्ट (Operating costs) और जनरल मर्चेंडाइज (General merchandise) व अपैरल (Apparel) पर ज्यादा खर्च ने ग्रॉस प्रॉफिट मार्जिन (Gross profit margin) को 14-14.5% के आसपास सीमित कर दिया है। इसका सीधा असर ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन (Operating profit margin) पर दिख रहा है। स्टोर्स के तेजी से विस्तार के लिए किए गए निवेश के कारण रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (RoCE) भी 1.3% घटकर 17.1% (FY25) पर आ गया, जो पिछले साल (FY24) 18.4% था। FY25 में कंपनी का फ्री कैश फ्लो (Free cash flow) ₹750 करोड़ निगेटिव रहा।
क्विक कॉमर्स का बढ़ता खतरा
DMart के लिए एक बड़ी चुनौती क्विक कॉमर्स (Q-commerce) सेक्टर से मिल रहा कॉम्पिटिशन है। Blinkit, Zepto और Swiggy Instamart जैसे खिलाड़ी तेजी से बाजार में अपनी पैठ बना रहे हैं। Zepto जैसी कंपनियों ने FY25 में ₹11,110 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया है। यह 10-30 मिनट में डिलीवरी का मॉडल ग्राहकों की आदतें बदल रहा है, खासकर मेट्रो शहरों में। Amazon भी अपने 'Amazon Fresh' से 'AmazonNow' पर फोकस बढ़ा रहा है। हालाँकि DMart टियर-II और III शहरों पर ध्यान दे रहा है, फिर भी Amazon जैसी बड़ी कंपनियों से मुकाबला कड़ी चुनौती पेश कर रहा है।
वैल्यूएशन और एनालिस्ट्स की राय
निवेशकों के लिए DMart का वैल्यूएशन (Valuation) एक चिंता का विषय बना हुआ है। पिछले 5 सालों से स्टॉक का फॉरवर्ड प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेश्यो औसतन 90 गुना रहा है, जो अभी 97-99x के आसपास है। यह ऐतिहासिक औसत और प्रतिस्पर्धियों की तुलना में काफी ज्यादा है। यह हाई वैल्यूएशन, धीमी हो रही रेवेन्यू ग्रोथ (जो 20% से नीचे आ गई है) के साथ मिलकर चिंता बढ़ा रहा है। कई एनालिस्ट्स (Analysts) सतर्क नजर आ रहे हैं। Kotak Securities ने तो स्टॉक को 'Reduce' रेटिंग दी है और ₹4,250 का टारगेट प्राइस तय किया है। 30 एनालिस्ट्स की राय 'न्यूट्रल' (Neutral) है, जो 5.72% की गिरावट का संकेत दे रहा है।
आगे की राह
DMart अपनी वैल्यू रिटेलिंग (Value retailing) और लागत-केंद्रित विस्तार (cost-conscious expansion) पर फोकस बनाए हुए है। उम्मीद है कि नए स्टोर्स, खासकर छोटे शहरों में, रेवेन्यू ग्रोथ को आगे बढ़ाएंगे। लेकिन, मार्जिन पर दबाव, कड़ा कॉम्पिटिशन और प्रीमियम वैल्यूएशन के बीच, कंपनी की मुनाफावसूली की क्षमता मैनेजमेंट की लागत प्रबंधन (cost management) और ऑपरेशनल एफिशिएंसी (operational efficiency) पर निर्भर करेगी।