Avenue Supermarts, जो रिटेल चेन DMart का संचालन करती है, ने फाइनेंशियल ईयर 2026 की चौथी तिमाही (Q4 FY26) में ज़बरदस्त प्रदर्शन दर्ज किया है। कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू साल-दर-साल 18.9% की जोरदार बढ़ोतरी के साथ ₹17,204.50 करोड़ पर पहुंच गया। इसी के साथ, कंपनी ने अपने स्टोर नेटवर्क का विस्तार करते हुए कुल 500 परिचालन स्टोर्स का आंकड़ा पार कर लिया है।
कंपनी की इस लगातार ग्रोथ के बावजूद, शेयर बाजार में इसके वैल्यूएशन (मूल्यांकन) को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं। DMart के शेयर पिछले छह ट्रेडिंग सत्रों में लगभग 19% और इस साल अब तक 16.6% चढ़ चुके हैं। इस तेजी के कारण शेयर का प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेशियो 89.08x के आसपास पहुंच गया है, जो कि अभी भी काफी ऊंचा माना जा रहा है। इन सबके बीच, ब्रोकरेज फर्म CLSA ने 'हाई कन्विंशन आउटपरफॉर्म' रेटिंग देते हुए ₹6,185 का टारगेट प्राइस बरकरार रखा है। हालांकि, यह बुलिश आउटलुक (सकारात्मक नजरिया) अन्य विश्लेषकों से मेल नहीं खाता। कुल 29 विश्लेषकों में से, केवल 10 'खरीदें' (Buy) की सलाह दे रहे हैं, जबकि 11 'होल्ड' (Hold) और 8 'बेचें' (Sell) की राय रखते हैं। औसत विश्लेषक टारगेट प्राइस ₹4,374 है, जो शेयर के भविष्य को लेकर सक्रिय बहस को दर्शाता है।
DMart का स्टोर्स का विस्तार (कुल 500 स्टोर) इसकी पिछली ग्रोथ रेट 17-18% के अनुरूप है। लेकिन, यह अपने प्रतिद्वंद्वी Reliance Retail की तुलना में काफी छोटे पैमाने पर है, जिसके 19,000 से अधिक स्टोर हैं और जिसने Q1 FY26 में ₹84,171 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया था। Reliance Retail के EBITDA मार्जिन भी 8.2-8.5% के आसपास रहते हैं, जबकि DMart का Q4 FY25 में EBITDA मार्जिन 6.4% था। DMart का डेट-टू-इक्विटी रेशियो काफी कम है, जो इसकी वित्तीय स्थिरता को दर्शाता है। हालांकि, भारतीय रिटेल सेक्टर में कड़ी प्रतिस्पर्धा है और कंपनियां टियर II और III शहरों में भी विस्तार कर रही हैं। इस बदलते माहौल में लाभप्रदता बनाए रखने के लिए DMart को कुशलता से काम करना होगा। Q3 FY26 में कंपनी का नेट प्रॉफिट मार्जिन थोड़ा घटकर 4.72% हो गया था।
निवेशकों को DMart के प्रीमियम वैल्यूएशन को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी जाती है, जो हाल की तेजी से और बढ़ गया है। शेयर का P/E रेशियो, भले ही पिछले शिखर से नीचे आया हो, फिर भी ऊंचा बना हुआ है। विश्लेषकों द्वारा दिए गए ₹3,100 से लेकर ₹6,185 तक के टारगेट प्राइस की विस्तृत श्रृंखला बाजार में अनिश्चितता को उजागर करती है। CLSA ने भी जनवरी 2026 में अपनी रिपोर्ट में Q3 FY26 में धीमी ग्रोथ, छोटे शहरों में विस्तार और खाद्य मूल्य में आई गिरावट का जिक्र करते हुए अपना टारगेट प्राइस घटाया था। यह दर्शाता है कि तेजी से स्टोर विस्तार से जरूरी नहीं कि मुनाफे में आनुपातिक वृद्धि हो और प्रतिस्पर्धी बाजार में मार्जिन पर दबाव पड़ सकता है। Reliance Retail का विशाल पैमाना और विविध रणनीति DMart के लिए एक बड़ी चुनौती पेश करती है, क्योंकि Reliance कीमतों में कटौती कर मार्केट शेयर हासिल कर सकती है, खासकर जब वह भी छोटे शहरों को निशाना बना रही है। तेजी से बढ़ते स्टोर नेटवर्क, विशेषकर छोटे शहरों में, का प्रबंधन करना मार्जिन को प्रभावित कर सकता है।
Avenue Supermarts का प्रबंधन विस्तार और परिचालन क्षमता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए हुए है, जैसा कि स्टोर संख्या के मील के पत्थर हासिल करने की क्षमता से पता चलता है। भविष्य की ग्रोथ इस बात पर निर्भर करेगी कि कंपनी भौतिक विस्तार को स्थायी, लाभदायक राजस्व वृद्धि में कितनी अच्छी तरह बदल पाती है, साथ ही बढ़ते प्रतिस्पर्धी खुदरा माहौल में मार्जिन दबावों का प्रबंधन करती है। निवेशक इस बात पर बारीकी से नजर रखेंगे कि DMart नए स्टोर्स को कैसे एकीकृत करता है और बड़े, अधिक विविध प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले अपने लागत लाभ को कैसे बनाए रखता है।