रेवेन्यू में दमदार उछाल और स्टोर की बड़ी जीत
DMart की पेरेंट कंपनी Avenue Supermarts ने चौथी तिमाही में ₹17,204.5 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल की समान अवधि से 18.9% अधिक है। यह कंपनी की पिछले 2-3 सालों की 17-18% की सालाना ग्रोथ के बराबर है। इस ग्रोथ का एक बड़ा कारण कंपनी का तेजी से स्टोर खोलना रहा। मार्च 2026 में समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर में कंपनी ने 85 नए स्टोर खोले, जिनमें से 58 अकेले इसी तिमाही में जोड़े गए। इस विस्तार के बाद कंपनी के कुल स्टोर्स की संख्या 500 के पार पहुंच गई है। शेयर बाजार में भी इस खबर का सकारात्मक असर दिखा, स्टॉक ₹4,360-₹4,362 के आसपास कारोबार कर रहा था।
वैल्यूएशन, वैल्यूएशन और कॉम्पिटिशन का खेल
हालांकि, 500 स्टोर्स का माइलस्टोन और शानदार रेवेन्यू ग्रोथ के बावजूद, DMart के शेयर का वैल्यूएशन चिंता का विषय बना हुआ है। कंपनी का मार्केट कैप करीब ₹2.84 ट्रिलियन है और इसका P/E रेश्यो लगभग 99 है। यह वैल्यूएशन इसके बड़े प्रतिद्वंद्वी Reliance Industries के 20s के P/E और Tata Consumer Products के 66-70 के P/E की तुलना में काफी ज्यादा है। एनालिस्ट्स का मानना है कि इतनी ऊंची कीमत पर, बाजार ने पहले से ही DMart की भविष्य की ग्रोथ को पूरी तरह से कीमत में शामिल कर लिया है।
यह बढ़ती प्रतिस्पर्धा का दौर है। Reliance Retail, जो 19,000 से अधिक स्टोर्स के साथ तेजी से अपने पैर पसार रही है, और Blinkit व Zepto जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स, खासकर शहरों में, DMart के लिए कड़ी चुनौती पेश कर रहे हैं।
एनालिस्ट्स की मिली-जुली राय
एनालिस्ट्स की राय बंटी हुई है। कुछ ब्रोकरेज हाउस, जैसे CLSA ने ₹6,583 और Morgan Stanley ने ₹5,188 का टारगेट प्राइस दिया है। वहीं, एवरेज एनालिस्ट टारगेट ₹4,141 के आसपास है, जो मौजूदा स्तरों से केवल 4.66% की मामूली बढ़ोतरी का संकेत देता है। 'बिल प्रति स्टोर प्रति दिन' में स्थिरता या गिरावट जैसी बातें भी कुछ एनालिस्ट्स के लिए चिंता का सबब बन रही हैं, जिससे यह सवाल उठता है कि क्या कंपनी नए ग्राहकों को आकर्षित कर पा रही है या मौजूदा स्टोर्स की बिक्री आपस में ही बंट रही है।