ज्वैलरी रिटेलर D P Abhushan ने जून तिमाही में शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट **77%** बढ़कर **₹64.45 करोड़** हो गया है, जिसकी मुख्य वजह शादियों के सीजन में गहनों की बंपर डिमांड रही।
Detailed Coverage
शादी के गहनों की डिमांड से चमकी D P Abhushan
D P Abhushan, जो खास तौर पर वेडिंग और ब्राइडल कलेक्शन के लिए जानी जाती है, ने चालू फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही (30 जून को समाप्त) में ज़बरदस्त ग्रोथ दर्ज की है। कंपनी ने ₹64.45 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 77% ज्यादा है। इस दौरान कंपनी का कुल रेवेन्यू भी 58% बढ़कर ₹853.63 करोड़ पर पहुंच गया, जो पिछले साल ₹541.32 करोड़ था।
सोने-चांदी की कीमतों के उतार-चढ़ाव के बीच भी दमदार प्रदर्शन
कंपनी मैनेजमेंट का कहना है कि शादी-ब्याह के मौके पर गहनों की ज़बरदस्त डिमांड ही इस शानदार परफॉरमेंस की असली वजह है। सोने और चांदी की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव के बावजूद, ज्वैलरी सेगमेंट में ग्राहकों का भरोसा कायम रहा। कंपनी ने यह भी बताया कि बेहतर इन्वेंट्री मैनेजमेंट और ग्राहकों की पसंद को समझने की क्षमता के चलते उन्होंने मार्केट के दबावों को आसानी से झेल लिया और ग्रोथ बनाए रखी।
नए शोरूम से बिजनेस बढ़ाने की तैयारी
लॉन्ग-टर्म ग्रोथ स्ट्रेटेजी के तहत, D P Abhushan अपने रिटेल फुटप्रिंट का विस्तार करने पर भी फोकस कर रही है। कंपनी ने हाल ही में दो नए शोरूम के लिए साइट फाइनल कर ली हैं। ये नए शोरूम मध्य प्रदेश के जबलपुर और गुजरात के दाहोद में खोले जाएंगे। कंपनी के मुताबिक, इन जगहों पर कंस्ट्रक्शन का काम चल रहा है और उम्मीद है कि आने वाले कुछ महीनों में ये शोरूम खुल जाएंगे।
निवेशकों की नजर इन बातों पर
हालांकि कंपनी का प्रदर्शन पॉजिटिव रहा है, लेकिन निवेशक ज्वैलरी रिटेलर्स का आंकलन करते समय कुछ बातों पर खास ध्यान देते हैं। इसमें शामिल है - कंपनी की हाई-वैल्यू इन्वेंट्री को मैनेज करने की क्षमता, जिससे वर्किंग कैपिटल पर असर पड़ सकता है, और कीमती धातुओं की कीमतों में उतार-चढ़ाव का कंज्यूमर डिमांड पर पड़ने वाला रिस्क। साथ ही, नए शोरूम के विस्तार की सफलता इस बात पर भी निर्भर करेगी कि कंपनी इन स्टोर्स को समय पर खोल पाती है या नहीं और नए बाजारों में कितनी बिक्री कर पाती है। जैसे-जैसे कंपनी विस्तार कर रही है, शेयरधारकों के लिए मुख्य रूप से सोने की कीमतों में बदलाव के बीच प्रॉफिट मार्जिन की स्थिरता, नए स्टोर्स का समय पर खुलना और मौजूदा रिटेल नेटवर्क में सेल्स ग्रोथ की रफ्तार पर नज़र रहेगी।
