Crompton Greaves का 'Crompton 2.0' प्लान: FY31 तक रेवेन्यू दोगुना करने का लक्ष्य, क्या संभलेगा शेयर?

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AuthorMehul Desai|Published at:
Crompton Greaves का 'Crompton 2.0' प्लान: FY31 तक रेवेन्यू दोगुना करने का लक्ष्य, क्या संभलेगा शेयर?

Crompton Greaves Consumer Electricals ने अपनी नई रणनीति 'Crompton 2.0' का ऐलान किया है। कंपनी अब सोलर, वायर और वॉटर प्यूरीफायर जैसे नए सेगमेंट में उतरकर FY31 तक अपने रेवेन्यू को दोगुना करना चाहती है, हालांकि कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच स्टॉक अभी दबाव में है।

ग्रोथ का नया रोडमैप

Crompton Greaves ने अपनी नई 'Crompton 2.0' रणनीति के तहत लंबी छलांग लगाने की तैयारी कर ली है। कंपनी का लक्ष्य FY26 से FY29 के बीच 13-14% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) हासिल करना है। इस विस्तार के साथ कंपनी का लक्ष्य अपने टोटल एड्रेसेबल मार्केट को ₹1,60,000 करोड़ तक ले जाना है। अब कंपनी पंखों और लाइटों से आगे बढ़कर सोलर पावर सॉल्यूशंस, इलेक्ट्रिकल वायर और वॉटर प्यूरीफायर जैसे बाजारों में अपनी धाक जमाने की कोशिश कर रही है।

प्रीमियम सेगमेंट पर फोकस

कंपनी अपने बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव ला रही है। पंखों (Fans) के सेगमेंट में, जो कि कंपनी की मुख्य ताकत है, अब प्रीमियम मॉडल्स से 30% सेल्स हासिल करने का लक्ष्य है। वहीं, लाइटिंग डिवीजन में लो-मार्जिन प्रोडक्ट्स को छोड़कर हाई-वैल्यू आउटडोर लाइटिंग पर जोर दिया जा रहा है। इसके अलावा, Butterfly सब्सिडियरी को किचन अप्लायंसेज में एक मजबूत ग्रोथ इंजन के रूप में तैयार किया जा रहा है।

फाइनेंशियल सेहत और बाजार की चुनौतियां

वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन अच्छा रहा है। कंपनी का नेट प्रॉफिट 15.17% बढ़कर ₹142.7 करोड़ रहा, जबकि रेवेन्यू में 11.84% का उछाल देखा गया और यह ₹2,235.02 करोड़ रहा। कंपनी का लक्ष्य है कि FY29 तक EBITDA मार्जिन 11-12% और FY31 तक 12% से ऊपर रहे।

हालांकि, ये बड़े दावे मौजूदा बाजार की हकीकत से टकरा रहे हैं। कंपनी का शेयर फिलहाल ₹208.67 के आसपास कारोबार कर रहा है, जो सालाना निचले स्तर के करीब है।

रिस्क और एग्जीक्यूशन का पेंच

इस रणनीति की सफलता पूरी तरह से कंपनी के एग्जीक्यूशन पर निर्भर करती है। नए सेगमेंट्स में उतरना जोखिम भरा है, खासकर जब बाजार में मुकाबला बहुत ज्यादा हो। बढ़ती कमोडिटी कीमतें और ग्लोबल महंगाई मार्जिन पर दबाव बना सकती हैं। निवेशकों की नजरें अब इस पर टिकी हैं कि क्या कंपनी अपनी प्रॉफिटेबिलिटी को बरकरार रखते हुए नए सेगमेंट्स में सफलता हासिल कर पाएगी या नहीं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.