Crompton Greaves Consumer Electricals ने साल 2031 तक अपना रेवेन्यू दोगुना करने की एक बड़ी योजना का ऐलान किया है। कंपनी अगले 5 सालों (FY26-FY29) में **13-14%** सालाना ग्रोथ का लक्ष्य लेकर चल रही है। इसके लिए कंपनी प्रीमियम प्रोडक्ट्स की तरफ बढ़ेगी और सोलर व स्मार्ट एप्लायंसेज जैसे नए सेगमेंट में भी कदम रखेगी।
रेवेन्यू दोगुना करने की बड़ी योजना
Crompton Greaves Consumer Electricals (CGCEL) ने फाइनेंशियल ईयर 2031 तक अपना रेवेन्यू दोगुना करने की लंबी अवधि की रणनीति बनाई है। कंपनी का लक्ष्य फाइनेंशियल ईयर 2026 से 2029 के बीच 13-14% की सालाना ग्रोथ हासिल करना है। इस योजना के तहत, कंपनी हाई-वैल्यू वाले प्रोडक्ट्स पर ज्यादा ध्यान देगी और सोलर सॉल्यूशंस, वायर्स और वाटर प्यूरीफायर जैसे नए बिजनेस सेग्मेंट्स में भी अपनी मौजूदगी बढ़ाएगी।
प्रीमियम प्रोडक्ट्स पर दांव
ग्रोथ प्लान का सबसे अहम हिस्सा 'प्रीमियमाइजेशन' यानी प्रीमियम प्रोडक्ट्स की ओर बढ़ना है। कंपनी एंट्री-लेवल प्रोडक्ट्स से हटकर ज्यादा मार्जिन वाले और महंगे प्रोडक्ट्स पर फोकस कर रही है। इसी कड़ी में, 'Crompton Rhion' जैसा सुपर-प्रीमियम ब्रांड भी लॉन्च किया गया है। कंपनी को उम्मीद है कि FY31 तक इन नए बिजनेस सेग्मेंट्स से कंपनी के कुल रेवेन्यू का करीब पांचवां हिस्सा आएगा।
हालिया प्रदर्शन और मार्जिन प्रेशर
जून 2026 को खत्म हुई तिमाही (Q1 FY27) में कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 11.8% बढ़कर ₹2,235 करोड़ रहा। वहीं, नेट प्रॉफिट 15.2% बढ़कर ₹143 करोड़ दर्ज किया गया। हालांकि, बढ़ती कमोडिटी की कीमतों के कारण कंपनी को मार्जिन पर दबाव का सामना करना पड़ रहा है। इससे निपटने के लिए मैनेजमेंट ने कॉस्ट-कटिंग प्रोग्राम और प्राइस इंक्रीज जैसे कदम उठाए हैं। कंपनी का लक्ष्य FY31 तक EBITDA मार्जिन को 12% से ऊपर ले जाना है।
चुनौतियां और जोखिम
लंबे समय के ग्रोथ टारगेट के बावजूद, कंपनी को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। पिछली तिमाही में सप्लाई चेन में आई दिक्कतों के चलते करीब ₹200 करोड़ का रेवेन्यू लॉस हुआ, जिसका असर खासकर पंखा (fan) सेगमेंट पर पड़ा। Butterfly Gandhimathi Appliances के इंटीग्रेशन को भी कंपनी मैनेज कर रही है।
इसके अलावा, पंखा और लाइटिंग जैसे मुख्य सेक्टर्स में कड़ी प्रतिस्पर्धा बनी हुई है। पिछले एक साल में कंपनी के शेयर में करीब 23% की गिरावट आई है। यह गिरावट कंपनी के सामने वॉल्यूम ग्रोथ और मार्जिन को बैलेंस करने की चुनौतियों को दर्शाती है।
भविष्य में, निवेशक कंपनी की ग्रोथ योजनाओं के अमल पर कड़ी नजर रखेंगे। सफलता नए प्रीमियम प्रोडक्ट्स की मार्केट में स्वीकार्यता, सप्लाई चेन की बाधाओं को दूर करने और नए बिजनेस डिवीजन्स के सफल विस्तार पर निर्भर करेगी।
