Colgate-Palmolive India ने सितंबर तिमाही में **4.3%** की बढ़त के साथ **₹341.6 करोड़** का मुनाफा दर्ज किया है। कंपनी ने **₹24** प्रति शेयर डिविडेंड का भी ऐलान किया है, लेकिन बढ़ते खर्चों के चलते शेयर में **2.3%** की गिरावट देखी गई।
नतीजों का लेखा-जोखा
Colgate-Palmolive India ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 4.3% बढ़कर ₹341.57 करोड़ पहुंच गया है। वहीं, कंपनी की सेल्स में भी दमदार तेजी दिखी है, जो 12.22% बढ़कर ₹1,691.57 करोड़ रही, जो पिछले साल इसी अवधि में ₹1,507.24 करोड़ थी।
निवेशक क्यों हैं परेशान?
शानदार सेल्स ग्रोथ के बावजूद निवेशकों का मूड खराब रहा और स्टॉक 2.32% की गिरावट के साथ ₹1,685 पर बंद हुआ। इसका मुख्य कारण कंपनी का बढ़ता खर्च है। इस तिमाही में कंपनी का कुल खर्च 16% बढ़कर ₹1,267.28 करोड़ हो गया है। जानकारों का मानना है कि खर्चों की यह बढ़ती रफ्तार प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव डाल सकती है, जो FMCG सेक्टर के लिए एक बड़ा कंसर्न है।
मैनेजमेंट की क्या है रणनीति?
कंपनी ने रेवेन्यू बढ़ाने के लिए प्रीमियम सेगमेंट जैसे 'Colgate MaxFresh' पर दांव लगाया है। प्रॉफिटेबिलिटी को बचाने के लिए कंपनी 'Funding the Growth' प्रोग्राम चला रही है, जिसकी मदद से ग्रॉस मार्जिन 40 बेसिस पॉइंट्स बढ़कर 69.6% रहा है। हालांकि, कमोडिटी की कीमतों में उतार-चढ़ाव और बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच मार्जिन को बरकरार रखना एक बड़ी चुनौती होगी।
बता दें कि कंपनी ने अपने शेयरधारकों के लिए ₹24 प्रति शेयर के अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि क्या कंपनी अपने खर्चों को नियंत्रित कर वॉल्यूम ग्रोथ की रफ्तार को आगे भी कायम रख पाती है या नहीं।
