Colgate-Palmolive (India) के शेयरों में गुरुवार को लगभग **2%** की गिरावट देखने को मिली। कंपनी अपने फाइनेंशियल ईयर 2027 की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी करने की तैयारी कर रही है, जो नए CEO मनीष आनंदानी के नेतृत्व में पहली रिपोर्ट होगी।
नतीजों पर टिकी नजरें
बाजार में सतर्कता का माहौल है और कंपनी का शेयर इंट्राडे ट्रेड के दौरान ₹1,687 के निचले स्तर तक लुढ़क गया। निवेशक यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच कंपनी का परफॉरमेंस कैसा रहने वाला है। यह तिमाही इसलिए भी खास है क्योंकि यह नए मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO मनीष आनंदानी के अंडर पहली पूर्ण तिमाही है।
पिछला ट्रैक रिकॉर्ड
वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा था। उस दौरान कंपनी ने 7% की बढ़ोतरी के साथ ₹343.08 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया था, जबकि रेवेन्यू 12% बढ़कर ₹1,590.56 करोड़ पर पहुंच गया था। हालांकि, उस समय कंपनी के ऑपरेटिंग खर्चों में 14% का बड़ा उछाल देखा गया था, जो बढ़कर ₹1,160.57 करोड़ हो गए थे।
निवेशकों की मुख्य चिंताएं
अब बाजार की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या कंपनी बढ़ती रॉ मटेरियल की लागत के बावजूद अपने प्रॉफिट मार्जिन को बचा पाएगी। FMCG सेक्टर में वॉल्यूम ग्रोथ बनाए रखना बड़ी चुनौती होती है, खासकर जब कच्चे माल की कीमतें दबाव बना रही हों।
कंपनी का मुख्य जोर अब ग्रामीण इलाकों (Rural areas) में मांग को बढ़ाने और नए प्रोडक्ट्स के लॉन्च पर है, ताकि ओरल केयर सेगमेंट में अपनी पकड़ को और मजबूत किया जा सके। फिलहाल स्टॉक कुछ समय से कंसोलिडेशन के दौर से गुजर रहा है, और आने वाले नतीजे ही तय करेंगे कि इसमें आगे की चाल क्या होगी।
