Cleartrip की नई चाल: 2027 तक 'Non-Air' रेवेन्यू को **40%** तक ले जाने का लक्ष्य

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AuthorMehul Desai|Published at:
Cleartrip की नई चाल: 2027 तक 'Non-Air' रेवेन्यू को **40%** तक ले जाने का लक्ष्य

Flipkart के मालिकाना हक वाली Cleartrip ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। कंपनी अब फ्लाइट बुकिंग्स पर निर्भरता कम करके होटल, फॉरेक्स और अन्य सेवाओं (Non-Air) पर जोर दे रही है, ताकि 2027 तक इस सेगमेंट को कुल रेवेन्यू का **40%** बनाया जा सके।

बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव

फिलहाल Cleartrip का नॉन-एयर बिजनेस, जिसमें होटल बुकिंग, बस, ट्रेन और हॉलिडे पैकेज शामिल हैं, कंपनी के कुल रेवेन्यू का 27% हिस्सा है। अब इसे 40% तक पहुंचाने के लिए कंपनी फॉरेक्स (Forex), वीजा प्रोसेसिंग और वैकल्पिक आवास विकल्पों जैसी सेवाओं का दायरा बढ़ा रही है।

क्यों लिया गया यह फैसला?

यह बदलाव ऐसे समय में आया है जब ट्रैवल सेक्टर दबाव में है। हालांकि Cleartrip ने 2026 की पहली छमाही में 40% की साल-दर-साल (YoY) ग्रोथ दर्ज की है, लेकिन एविएशन सेक्टर में फ्यूल की बढ़ती कीमतों और सीट की कमी के कारण डोमेस्टिक ट्रैफिक में 5% से 6% तक की गिरावट देखी गई है।

मार्जिन बढ़ाने की कवायद

OTA (ऑनलाइन ट्रैवल एजेंसी) कंपनियों के लिए फ्लाइट बुकिंग्स हाई-वॉल्यूम तो हैं, लेकिन उनमें मार्जिन काफी कम होता है। इसके उलट होटल बुकिंग और पैकेज अधिक प्रॉफिटेबल होते हैं। साथ ही, कंपनी ने देखा है कि लोग महंगे एयर ट्रेवल के बजाय रोड ट्रिप और वीकेंड गेटवेज की ओर बढ़ रहे हैं, जहां 30% से 40% तक मांग में इजाफा हुआ है।

बाजार में कड़ी प्रतिस्पर्धा

इस सेगमेंट में Cleartrip को MakeMyTrip, EaseMyTrip और Yatra जैसी कंपनियों से सीधी टक्कर मिल रही है। अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या यह बदलाव कंपनी को एयर ट्रेवल की अनिश्चितताओं से बचाकर मजबूती प्रदान कर पाएगा या नहीं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.