कीमतों में उछाल, शेयर क्यों भागे?
6 फरवरी 2026 को भारतीय सिगरेट सेक्टर के शेयरों में एक खास उछाल दिखा। ITC Ltd. के शेयर 5.09% बढ़कर ₹326.05 पर बंद हुए, वहीं Godfrey Phillips India में 10.44% का उछाल आया और शेयर ₹2,188.95 पर पहुंच गए। VST Industries के शेयर भी 3.6% की बढ़त के साथ ₹237.35 पर बंद हुए। इस तेजी की मुख्य वजह कंपनियों द्वारा 1 फरवरी 2026 से लागू हुई नई एक्साइज ड्यूटी के बाद सिगरेट के दाम में की गई बढ़ोतरी है। कई प्रोडक्ट्स पर ₹2 से ₹7 प्रति स्टिक तक दाम बढ़ाए गए हैं, जिससे साफ है कि कंपनियां टैक्स का बोझ ग्राहकों पर डालने में सक्षम हैं।
यह रिकवरी जनवरी में आई तेज गिरावट से बिल्कुल उलट है, जब ITC के शेयर करीब 20.1% और Godfrey Phillips के शेयर 26.3% तक गिर गए थे। ITC के शेयरों में तो ब्लॉक डील्स में 1.3 करोड़ से ज्यादा शेयरों का ट्रेड हुआ, जो बाजार में मजबूत एक्शन और निवेशकों का भरोसा दर्शाता है।
टैक्स का खेल: वॉल्यूम पर असर या मुनाफे की वापसी?
सरकार ने हाल ही में GST कंपनसेशन सेस को हटाकर मौजूदा 40% GST के ऊपर अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी लगा दी है। यह करीब सात सालों में सबसे बड़ी टैक्स बढ़ोतरी मानी जा रही है। Nuvama Institutional Equities के एनालिस्ट्स का मानना है कि शायद सबसे बुरा वक्त बीत चुका है, और कीमतों में बढ़ोतरी से टैक्स का असर कम होगा और वॉल्यूम में गिरावट सिंगल डिजिट में ही रहेगी।
हालांकि, इतिहास कुछ और कहता है। फाइनेंशियल ईयर 2013 से 2017 के बीच जब इसी तरह के भारी टैक्स लगाए गए थे, तब ऑर्गेनाइज्ड सेक्टर के सिगरेट वॉल्यूम में 15% से ज्यादा की गिरावट आई थी। साथ ही, अवैध सिगरेट का मार्केट शेयर 16.9% से बढ़कर 22.7% हो गया था। ITC ने खुद भी चिंता जताई है कि इतने बड़े टैक्स इजाफे से अवैध तंबाकू व्यापार को बढ़ावा मिल सकता है और हितधारकों को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।
कौन है बाजीगर? ITC, Godfrey Phillips या VST?
मार्केट में ITC Ltd. का दबदबा कायम है, जिसका ऑर्गेनाइज्ड डोमेस्टिक सिगरेट मार्केट में करीब 80% का मार्केट शेयर है। इसका मार्केट कैप भी करीब ₹4 लाख करोड़ है, जो Godfrey Phillips India के ₹34,133 करोड़ और VST Industries के ₹4,031 करोड़ से कहीं ज्यादा है।
वैल्यूएशन की बात करें तो ITC का P/E रेशियो करीब 19.8x है, जो Godfrey Phillips के 24.8-30.45x से कम है, और VST Industries के 17.02x के करीब है। ऑपरेशनल एफिशिएंसी में भी ITC आगे है, जिसका ROCE 36.8% और ROE 27.3% है, वहीं Godfrey Phillips का ROCE 26.3% और ROE 19.9% है।
एक और चिंता की बात यह है कि 1 मई 2026 से नेशनल कैलिमिटी कंटिंजेंट ड्यूटी (NCCD) 25% से बढ़कर 60% हो जाएगी। हालांकि यह तुरंत टैक्स को प्रभावित नहीं करेगा, लेकिन यह पॉलिसी को लेकर अनिश्चितता पैदा करता है।
आगे क्या? उम्मीदें और चुनौतियां
Equinomics Research के G Chokkalingam जैसे एनालिस्ट्स ITC को अंडरवैल्यूड मानते हैं और इसके विभिन्न बिजनेस सेगमेंट्स को देखते हुए ₹375-₹380 का टारगेट दे रहे हैं। यह दिखाता है कि सिगरेट बिजनेस पर रेगुलेटरी दबाव के बावजूद, कंपनी के दूसरे डायवर्सिफाइड सेगमेंट में छुपी हुई वैल्यू है।
फिलहाल, मार्केट की उम्मीदें कंपनियों की लगातार प्राइस इंक्रीज करने की क्षमता पर टिकी हैं, ताकि वे टैक्स के पूरे असर को आने वाले महीनों में ऑफसेट कर सकें। लेकिन अवैध व्यापार का बढ़ता खतरा और सरकार का तंबाकू की खपत कम करने का लक्ष्य, मीडियम से लॉन्ग टर्म में वॉल्यूम ग्रोथ और प्रॉफिटेबिलिटी के लिए बड़ी चुनौतियां साबित हो सकते हैं। सेक्टर का प्रदर्शन काफी हद तक प्राइस पास-थ्रू की क्षमता और बदलते रेगुलेटरी माहौल से निपटने की काबिलियत पर निर्भर करेगा।