भारत में बड़ी दस्तक!
The Cheesecake Factory Bakery ने भारतीय मार्केट में अपनी धांसू एंट्री का ऐलान कर दिया है। बेंगलुरु की The Gourmet Cafe के साथ पार्टनरशिप कर, यह अमेरिकी ब्रांड देश के प्रीमियम डेज़र्ट और कैफे सेगमेंट में अपनी पहचान बनाने उतरा है। इस वेंचर का मुख्य मकसद The Cheesecake Factory Inc. के ग्लोबल ब्रांड इक्विटी को भारत के तेजी से बढ़ते कंज्यूमर मार्केट से जोड़ना है।
लॉन्च और विस्तार की योजना
The Gourmet Cafe इस भारतीय विस्तार के लिए करीब $60 मिलियन (लगभग ₹4,980 करोड़) का भारी निवेश कर रही है। इनका लक्ष्य अगले चार से पांच सालों में पूरे भारत में 55 आउटलेट खोलना है। शुरुआती दौर में पहला स्टोर बेंगलुरु में खोला गया है, और अब मुंबई, दिल्ली, चेन्नई, हैदराबाद और अहमदाबाद जैसे प्रमुख शहरों में भी विस्तार की तैयारी है। The Gourmet Cafe का महत्वाकांक्षी लक्ष्य है कि अगले पांच सालों में कंपनी ₹200-250 करोड़ का सालाना रेवेन्यू जेनरेट करे।
भारत का बढ़ता प्रीमियम डेज़र्ट मार्केट
भारत का प्रीमियम डेज़र्ट और कैफे मार्केट इन दिनों जबरदस्त ग्रोथ दिखा रहा है। बढ़ती डिस्पोजेबल इनकम और इंटरनेशनल फ्लेवर्स के प्रति बढ़ते आकर्षण ने इस सेगमेंट को काफी बढ़ावा दिया है। रिपोर्टों के अनुसार, पिछले साल अकेले ब्रांडेड कॉफी शॉप सेगमेंट में 12.7% की ग्रोथ देखी गई, जिसमें Tata Starbucks जैसे दिग्गज खिलाड़ी भी शामिल हैं, जिनके भारत में 480 स्टोर हैं। इसके अलावा, Barista और Cafe Coffee Day जैसे डोमेस्टिक ब्रांड्स भी मजबूत पकड़ बनाए हुए हैं। वहीं, फ्रोजन डेज़र्ट मार्केट का साइज 2025 तक करीब ₹333.71 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है, जो इस सेक्टर की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है।
कड़ी प्रतिस्पर्धा और चुनौतियां
हालांकि, The Cheesecake Factory Bakery के लिए भारत में राह आसान नहीं होगी। मार्केट में पहले से ही कई बड़े ग्लोबल और लोकल प्लेयर्स मौजूद हैं। Haagen-Dazs और Baskin Robbins जैसे ब्रांड्स के साथ-साथ कई फुर्तीले स्थानीय ब्रांड्स भी प्रीमियम डेज़र्ट स्पेस में अपनी जगह बना चुके हैं। The Cheesecake Factory Bakery को अपनी खास चीज़केक्स और बेक्ड गुड्स को इन स्थापित नामों से अलग साबित करना होगा और भारतीय उपभोक्ताओं के बदलते स्वादों के अनुसार अपनी पेशकशों को ढालना होगा।
The Cheesecake Factory Inc. की पैरेंट कंपनी का मार्केट कैप लगभग $3.1 बिलियन के आसपास है और इसका P/E रेश्यो मिड-से-हाई टीन्स में है। हालांकि, हाल ही में कंपनी के अमेरिकी ऑपरेशंस में बिक्री में मंदी और तुलनीय स्टोर बिक्री में गिरावट देखी गई है, जो कि एक चिंता का विषय हो सकता है। ऐसे में, भारत में $60 मिलियन का भारी निवेश और आक्रामक स्टोर विस्तार योजना, अगर उम्मीद के मुताबिक ग्राहक न जुड़ें तो चुनौतीपूर्ण साबित हो सकती है। मॉल-आधारित लोकेशंस का चुनाव भी रिटेल ट्रैफिक और आर्थिक मंदी के प्रति संवेदनशील हो सकता है। एक लोकल पार्टनर पर निर्भरता भी सप्लाई चेन, रेगुलेटरी जटिलताओं और कंज्यूमर एडॉप्शन में अतिरिक्त जोखिम पैदा कर सकती है।
भविष्य की राह
The Cheesecake Factory Inc. अपनी ग्लोबल ग्रोथ के लिए नए ओपनिंग्स पर फोकस कर रही है, और भारत का यह वेंचर इसकी बेकरी डिवीजन की क्षमता साबित करने में अहम भूमिका निभाएगा। एनालिस्ट्स का CAKE स्टॉक (पैरेंट कंपनी का स्टॉक) पर मिली-जुली राय है, जिनमें से कई ने $37 से $74 तक के टारगेट प्राइस दिए हैं, जो भविष्य के वैल्यूएशन को लेकर अनिश्चितता दर्शाते हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि The Cheesecake Factory Bakery भारत में अपने इस बड़े दांव से कितनी सफलता हासिल कर पाती है।
